अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान के आर्थिक संबंध पर राजनैतिक तनाव का असर
अफ़ग़ानिस्तान ने कहा है कि देश के पश्चिमी प्रांत फ़राह में बख़्शाबाद बांध के निर्माण से संबंधित पाकिस्तान के साथ समझौता रद्द करके इसकी ज़िम्मेदारी इटली को सौंप दी है।
इटली के साथ इस समझौते पर दस्तख़त के समय अफ़ग़ान ऊर्जा मंत्री ने कहा कि तीन साल पहले पाकिस्तान की एक कंपनी के साथ बख़्शाबाद बांध के निर्माण के समझौते पर दस्तख़त हुए किन्तु काम में प्रगति के संतोषजनक न होने के कारण यह समझौता रद्द किया गया है।
अफ़ग़ानिस्तान में शांति व युद्ध प्रक्रिया के संबंध में अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान के बीच बढ़ते मतभेद, तूर्ख़म में हालिया सीमावर्ती तनाव और बढ़ते पारस्परिक अविश्वास के कारण दोनों पड़ोसी देशों की राजनैतिक चुनौतियों का उनके आर्थिक संबंधों पर भी नकारात्मक असर पड़ा है।
अफ़ग़ान सरकार की नज़र में पाकिस्तान सरकार की अफ़ग़ानिस्तान के संबंध में नीति स्पष्ट नहीं है जबकि इस्लामाबाद अफ़ग़ानिस्तान में युद्ध या शांति प्रक्रिया में प्रभावी रोल रखता है।
अफ़ग़ान सरकार ने ऐसी स्थिति में बख़्शाबाद बांध के निर्माण की परियोजना से पाकिस्तानी कंपनी को निकाल दिया है कि कुछ हफ़्ते पहले भारत ने हेरात प्रांत में सलमा बांध का निर्माण कार्य पूरा किया जिसका भारतीय प्रधान मंत्री के हालिया अफ़ग़ानिस्तान दौरे के समय उद्घाटन भी हो गया। इस बांध के निर्माण में भारत सरकार ने 29 करोड़ डॉलर की मदद की।
पर्यवेक्षकों का मानना है कि बख़्शाबाद बांध के निर्माण के समझौते को रद्द करने का अफ़ग़ान सरकार का फ़ैसला और इसकी ज़िम्मेदारी इटली को सौंपने का क़दम, यह संदेश दे रहा है कि इस्लामाबाद को काबुल के संबंध में अपनी नीति को सुधारना चाहिए।
यद्यपि अफ़ग़ान ऊर्जा मंत्री ने बख़्शाबाद बांध के निर्माण कार्य में देरी को इस फ़ैसले का कारण बताया है किन्तु अफ़ग़ानिस्तान के राजनैतिक व आर्थिक हल्क़े काबुल-इस्लामाबाद तनाव को, पाकिस्तान को इस परियोजना से बाहर निकालने का मुख्य कारण मानते हैं। (MAQ/N)