रोहिंग्या मुसलमानों के 40 गांव जलाए गए
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ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर महीने के बीच, म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों के 40 गांवों को जलाया था।
(last modified 2023-04-09T06:25:50+00:00 )
Dec १९, २०१७ १४:२४ Asia/Kolkata
  • रोहिंग्या मुसलमानों के 40 गांव जलाए गए

ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्ल्यू) ने कहा कि अक्टूबर और नवंबर महीने के बीच, म्यांमार की सेना ने रोहिंग्या मुसलमानों के 40 गांवों को जलाया था।

ह्यूमन राइट्स वॉच के निदेशक ब्रैड एडम्स ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस करके  कहा था कि उपग्रहों से ली गई तस्वीरों के आधार पर हिंसा की जांच की गई है, जिससे पता चलाता है कि रोहिंग्या बाहुल्य 40 गांवों को अक्टूबर से नवंबर के बीच जला दिया गया था। उन्होंने कहा कि म्यांमार की सेना और बौद्ध चरमपंथियों द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के जलाए गए गांव पूरी तरह तबाह हो गए हैं।

एचआरडब्ल्यू के निदेशक ने कहा कि म्यांमार सरकार की ओर से निर्वासित रोहिंग्या शरणार्थियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की घोषणा केवल दिखावा है क्योंकि स्वयं इस देश की सेना रोहिंग्या मुसलमानों के विरुद्ध अत्याचार कर रही है।

श्री एडम्स ने कहा कि जांच से पता चला है कि रोहिंग्या मुसलमानों के अन्य गांवों को लगातार नष्ट किया जा रहा है, जबकि म्यांमार की सेना इसे ख़ारिज कर रही है। ह्यूमन राइट्स वॉच ने म्यांमार की सेना पर उसके द्वारा सुरक्षा के नाम पर चलाए गए अभियानों पर भी आरोप लगाया है, एचआरडब्ल्यू के मुताबिक़  इस दिखावटी अभियान की आड़ में इस देश की सेना ने हत्या और और बलात्कार जैसे घिनौने अपराध अंजाम दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि 25 अगस्त 2017 से बौद्ध चरमपंथियों के साथ मिलकर म्यांमार की सेना द्वारा शुरू किए गए सैन्य अभियान के बाद लगभग 6 लाख 55 हज़ार रोहिंग्या मुसलमान बांग्लादेश भागकर अपनी जान बचाने के लिए मजबूर हुए हैं। (RZ)