दाइश का मुख्य ठिकाना तबाह
मार्च 2017 में आतंकवादी गुट दाइश ने काबुल के सैनिक अस्पताल दाऊदख़ान पर हमला किया था जिसमें लगभग 50 लोग मारे गये थे।
अफग़ान सुरक्षा बलों ने इस देश के नंगरहार प्रांत में आतंकवादी गुट दाइश के अस्ली ठिकाने को तबाह कर दिया है। अफग़ान सुरक्षा बलों ने दाइश विरोधी अपनी कार्यवाही में इस गुट के 167 सदस्यों को भी मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के अनुसार मारे जाने वाले अधिकांश तत्वों का संबंध विदेशों से था।
अफग़ान सुरक्षा बलों की इस कार्यवाही में दाइश की पांच सुरंगे और कई शस्त्रागार भी तबाह हो गये। अफ़ग़ानिस्तान के नंगरहार प्रांत में आतंकवादी गुट दाइश के अस्ली ठिकाने का नष्ट कर दिया जाना अफग़ान सुरक्षा बलों की क्षमता का सूचक है।
आतंकवादी गुट दाइश ने लगभग तीन वर्षों से अफ़ग़ानिस्तान के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी गतिविधियों को विस्तृत कर दिया है और तालेबान के बाद वह काबुल सरकार का दूसरा सबसे बड़ा विरोधी गुट है जिसकी काबुल सहित इस देश में होने वाले विभिन्न आतंकवादी हमलों में विशेष भूमिका रही है।
मार्च 2017 में आतंकवादी गुट दाइश ने काबुल के सैनिक अस्पताल दाऊदख़ान पर हमला किया था जिसमें लगभग 50 लोग मारे गये थे।
हालिया वर्षों में अफगानिस्तान में दाइश के हमलों में वृद्धि से यह संभावना एवं प्रश्न उत्पन्न हो गया है कि क्या विदेशी समर्थन के बिना दाइश इतने बड़े पैमाने पर हमला कर सकता है?
इसी आधार पर पिछले साल अफग़ानिस्तान के उप संसद सभापति ज़ाहिर क़दीर ने कहा था कि काबुल में कुछ दूतावासों के दाइश से संबंध हैं और इस संबंध में उन्होंने कुछ प्रमाणों की ओर संकेत किया था।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के रहस्योदघाटन से इस बात को समझा जा सकता है कि अफगानिस्तान में दाइश का समर्थन कौन कर रहा है।
बहरहाल अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत में दाइश के अस्ली ठिकाने के ध्वस्त हो जाने से जहां इस आतंकवादी गुट पर मानसिक दबाव में वृद्धि हो गयी है वहीं आतंकवाद से मुकाबले में अफग़ान सुरक्षा बलों के मनोबल ऊंचे हो गये हैं और अफग़ान सुरक्षा बलों को मिलने वाली यह सफलता आतंकवाद से मुकाबले में एक प्रभावी कदम सिद्ध हो सकती है। MM