ईरान के ख़िलाफ़ अमेरिकी प्रयासों का कोई लाभ नहीं" जैक स्ट्रा
अमेरिकी अधिकारी ईरान पर हथियारों की ख़रीदारी पर जो प्रतिबंध लगा हुआ है उसकी अविध में वृद्धि कराये जाने के इच्छुक हैं।
ब्रिटेन के पूर्व विदेशमंत्री ने कहा है कि संयुक्त राष्ट्रसंघ में ईरान पर हथियारों की ख़रीदारी पर लगे प्रतिबंध की अवधि बढ़ाने जाने हेतु अमेरिकी अधिकारियों के प्रयासों का कोई परिणाम नहीं है।
उन्होंने लंदन में इर्ना के संवाददाता से वार्ता करते हुए कहा कि अमेरिका सुरक्षा परिषद का प्रयोग एक हथकंडे के रूप में करके ईरान पर हथियारों की खरीदारी पर लगे प्रतिबंध की अवधि बढ़वाना चाहता है जिसे रूस और चीन के विरोधों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि जर्मनी, फ्रांस और ब्रिटेन तीन यूरोपीय देशों ने स्पष्ट रूप में घोषणा कर दी है कि वे इस मामले को सुरक्षा परिषद में उठाये जाने के पक्षधर नहीं हैं।
समाचार पत्र न्यूयार्क टाइम्स ने सोमवार को रिपोर्ट दी थी कि अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ईरान पर अधिक से अधिक दबाव डालने की नीति के परिप्रेक्ष्य में ईरान पर हथियार ख़रीदने पर जो प्रतिबंध लगा हुआ है उसकी अविध में वृद्धि कराये जाने के इच्छुक हैं।
ज्ञात रहे कि ईरान पर हथियारों की ख़रीदारी के संबंध में राष्ट्रसंघ की ओर से जो प्रतिबंध लगे हुए हैं वे जारी वर्ष के अक्तूबर महीने में समाप्त हो रहे हैं।
ज्ञानकार हल्कों का मानना है कि हथियारों की ख़रीदारी पर लगे प्रतिबंधों की समाप्ति के बाद ईरान रूस से हथियार ख़रीद कर अपनी सैन्य शक्ति को और मज़बूत कर लेगा और यह वह चीज़ है जो अमेरिका और इस्राईल को किसी भी स्थिति में पसंद नहीं है और उन्हें अभी से चिंता सताने लगी है। MM