23 मार्च सन 1931 ईसवी को महाराजा, सर मुहम्मद अली ख़ान, के देहान्त के बाद राजा अमीर अहमद ख़ान महमूदाबाद के गवर्नर बन गए किन्तु राजा साहब की सन्यासी सोच इस पद के भार को न उठा सकी वे बहुत शीघ्र ही मुसलमानों के राष्ट्रीय मामलों के समाधान के लिए मुस्लिम लीग के राजनैतिक मंच पर सक्रिय रूप से भाग लेने लगे।