May १२, २०१६ ०५:३० Asia/Kolkata

12 मई वर्ष 1718 ईसवी को ऊर्दू भाषा की पहली प्रकाशित पुस्तक के लेखक जान जोशो केट्लर का निधन हुआ।

जान जोशो जर्मनी के नगर एलबिंग (ELBING)  में 25 दिसम्बर वर्ष 1659 ईसवी को जन्मे। वह विभिन्न नगरों में नौकरियां करते हुए वर्ष 1682 ईसवी में एम्सटर्डम पहुंचे जहां उन्होंने डच ईस्ट इंडिया कंपनी में नौकरी कर ली और नौकरी के संबंध में वह भारत गये और प्रगति करते करते सन 1700 ईसवी में आगरा की फ़ैक्ट्री में फिर सन 1710 ईसवी में सूरत की फ़ैक्ट्री का प्रबंधक बन गये। उसके बाद उन्होंने कूटनयिक दायित्व भी निभाया और शाह आलम, बहादुर शाह और जहांनदार शाह के दरबारों से भी जुड़े रहे। उन्होंने उर्दू भाषा और उसके व्याकरण से संबंधित एक पुस्तक लिखी। यह पुस्तक उर्दू भाषा की पहली प्रकाशित होने वाली पुस्तक गिनी जाती है। इस पुस्तक में ऊर्दू भाषा के नियम व क़ानून लिखे गये हैं। इस पुस्तक की एक प्रति हालैंड के नगर हेग के रायल आरकाईव्ज़ में मौजूद है।

  • 22 मई सन् 1459 में जोधपुर की स्थापना हुई।
  • 22 मई सन् 1666 में पुरंदर की संधि के तहत छत्रपति शिवाजी महाराज मुग़ल शासक औरंगज़ेब से मिलने आगरा पहुंचे।
  • 22 मई सन् 1689 में इंग्लैंड और हॉलैंड ने लीग ऑफ़ आग्सबर्ग बनाया।
  • 22 मई सन् 1915 को क्रांतिकारी रासबिहारी बोस ने जापानी नौका सानुकी मारू पर सवार होकर भारत छोड़ा।
  • 22 मई सन् 1925 में उज़बेकिस्तान और किर्गिज़िस्तान स्वायत्त सोवियत गणराज्य बने।
  • 22 मई सन् 2002 में मिस्र, सीरिया व सऊदी अरब ने पश्चिम एशिया मामले में शांति समझौते की इच्छा जताई।
  • 22 मई सन् 2008 को चीन के सिचुआन में भूकंप से 69000 से अधिक लोगों की मौत।

12 मई वर्ष 1938 ईसवी को उर्दू भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार मौलाना अकबर शाह ख़ान नजीबाबादी का देहान्त हुआ। वह सन 1875 ईसवी को भारत के नजीबाबाद, नगर में जन्में। लाहौर में रहने के दोरान वह  दयाल सिंह कालेज में पढ़ाते भी ये थे। मौलाना अकबर शाह को इतिहास में विशेष रुचि थी। उनकी पुस्तकों में आईनये हक़ीक़त नुमा, मेयारुल  ओलमा, नेज़ामे सलतनत और तारीख़े इस्लाम उल्लेखनीय है। उनका 12 मई वर्ष 1938 ईसवी को लाहौर में निधन हुआ और वहीं उन्हें दफ़्न किया गया।

 

12 मई वर्ष 1964 ईसवी को कराची में ऊर्दू मीडियम सांइस कालेज की आधारशिला रखी गयी। इस कालेज की आधार शिला पाकिस्तान के तत्कालीन फ़ील्डमार्शल अय्यूब ख़ान ने रखी थी। यह पाकिस्तान का पहला कालेज है जिसमें इंटरमीडियट से एमएससी तक की पढ़ाई ऊर्दू भाषा में होती थी और छात्र छात्राओं की संख्या की दृष्टि से पाकिस्तान का यह सबसे बड़ा कालेज था। उर्दू मीडियम साइंस कालेज की एक महत्तवपूर्ण संकाय लेखन और अनुवाद का विभाग है जो अब तक विज्ञान की विभिन्न पुस्तकों को प्रकाशित कर चुकी है।

 

12 मई वर्ष 1820 ईसवी को नर्सिंग विभाग की संस्थापक फ़्लोरंन्सन ताईटैन्गल, फ़्लोरंन्स नगर में जन्मी। उन्होंने अपना युवाकाल ब्रिटेन में बिताया और अपना अधिकांश समय विभिन्न बीमारियों और मरीज़ों के उपचार के मार्ग के संबंध में शोध व अध्ययन में व्यतीत करती थीं। ताईटैंगल को क्रीमिया युद्ध के दौरान नर्सिंग और घायल सैनिकों के उपचार के लिए रणक्षेत्र भेजा गया। उन्होंने सैनिकों की निःस्वार्थ सेवाएं की। वह रात के समय एक दीप लेकर रणक्षेत्र जाती थी और घायलों को दूसरों की सहायता से स्वास्थ्य केन्द्र में लाया करती थी और फिर उनका उपचार किया करती थी। इस आधार पर वह दीप वाली महिला के नाम से प्रसिद्ध हो गयीं। उन्हें एक उदाहरणीय नर्स घोषित किया गया।

 

***

23 उर्दीबहिश्त सन 1358 हिजरी शम्सी को वैश्विक साम्राज्यवाद के विरुद्ध ईरान की जनता के निरंतर प्रयास के बाद ईरान में लज्जाजनक कैपीच्यूलेशन क़ानून समाप्त हुआ। ज्ञात रहे कि कैपीच्यूलेशन के क़ानून के अनुसार, ईरान में अमरीकी नागरिकों को पूर्ण रूप से क़ानूनी संरक्षण प्राप्त था। यहां तक कि ईरान की किसी भी क़ानूनी संस्था को अमरीकी नागरिकों से किसी भी प्रकार का अपराध होने पर उनपर मुक़द्दमा चलाने की अनुमति नहीं थी और अमरीकियों पर केवल अमरीकी न्यायालय में ही मुक़द्दमा चलाया जा सकता था। इस विषय ने ईरान की संप्रभुता और स्वाधीनता को पूर्ण रूप से ख़तरे में डाल दिया। 21 मेहर वर्ष 1343 हिजरी शम्सी को इस क़ानून के पारित होते ही इस्लामी क्रांति के संस्थापक इमाम ख़ुमैनी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की और इस लज्जाजनक क़ानून के परिणामों से पर्दा उठाते हुए इसकी निंदा की। दूसरी ओर शाही सरकार ने जो इमाम ख़ुमैनी और ईरान की संघर्षशील जनता के खुले और ठोस विरोध का मुक़ाबला करने की शक्ति नहीं रखती थी, इमाम ख़ुमैनी को देश निकाला दे दिया किन्तु स्वतंत्रता और स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए ईरानी जनता के प्रयास निरंतर जारी रहे यहां तक कि इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद 23 उर्दीबहिश्त सन 1358 हिजरी शम्सी को कैपीच्यूलेशन क़ानून को समाप्त कर दिया गया।