May १५, २०१६ ०४:४० Asia/Kolkata

15 मई सन 1602 ईसवी को जर्मनी के भौतिकशास्त्री ऑटोफ़न ग्रीक का जन्म हुआ।

1907, भगत सिंह और राजगुरू के साथ फांसी के फंदे पर लटकने वाले सुखदेव थापर का जन्म 15 मई 1907 को हुआ था।

1940, रिचर्ड और मौरिस मैकडॉनल्ड्स नाम के दो भाइयों ने मिलकर कैलिफोर्निया के सैन बर्नार्डीनो में छोटा सा रेस्तरां खोला था। आज इस फास्ट फूड रेस्तरां की चेन दुनिया में सबसे बड़ी है। फ़िलहाल मैकडॉनल्ड्स के 119 देशों में 35,000 आउटलेट्स हैं।

1935, मास्को मेट्रो को लोगों के लिए खोला गया।

1948, लाखों फ़िलिस्तीनियों को उनके घरों और भूमियों से उजाड़कर, ज़ायोनी शासन की अवैध स्थापना हुई।

1958, सोवियत संघ ने स्पूतनिक-3 लॉंच किया।

1925, पहला अरेबिक कम्यूनिस्ट न्यूज़पेपर शुरू किया गया।

 

वे एक कुशल उद्योगपति भी थे। उन्होने भौतिकशास्त्र के क्षेत्र में गहन अध्ययन और शोधकार्य किया तथा अंतत: ट्रांसफारमर बनाने में सफल हुए। जिससे विद्युत की शक्ति को संतुलित किया जाता है। इसी प्रकार उन्होने प्रदूषित हवा को बाहर निकालने के लिए भी एक मशीन बनाई। सन 1686 ईसवी में ग्रीक का निधन हुआ।

15 मई सन 1687 ईसवी को ऑस्ट्रिया द्वारा हंग्री के कुछ भागों पर अधिकार कर लिए जाने के बाद ऑस्ट्रिया के नरेश लियोपोल्ड प्रथम ने हंग्री के स्वतंत्रता प्रेमियां को दंडित करने के लिए विख्यात एपरी न्यायालय की स्थापना का आदेश जारी किया। यह लोग हंग्री को ऑस्ट्रिया के अधिकार से स्वतंत्र करने के लिए प्रयासरत थे। इस न्यायालय ने जिसे एपरी जल्लाद के नाम से भी जाना जाता है 6 महीने की अवधि में दिन रात काम करके 8 हजार लोगो को मृत्युदंड दिया। इसके लिए इस न्यायालय ने 30 जल्लादों को नियुक्त किया था।

 

15 मई सन 1776 ईसवी को भाप से चलने वाला पहला जहाज बनाया गया। फ्रांस के एक इंजीनियर डेनिस पापिन ने भाप की शक्ति का पता लगाया जिसके 70 वर्ष बाद एक अन्य फ्रांसीसी वैज्ञानिक मार्की डोज़ेफ़रा ने भाप का जहाज बनाया। जहाज मे भाप की शक्ति का प्रयोग जलपरिवहन के क्षेत्र में एक बड़ी क्रान्ति था।

 

15 मई सन 1919 ईसवी को तुर्की के एक अत्यंत महत्वपूर्ण ऐतिहासिक नगर अज़मीर में भयानक रक्तरंजित लड़ाई के बाद उस नगर पर तुर्की गणराज्य की स्थापना करने वाले मुसतफ़ा कमाल पाशा काअधिकार हो गया। इस प्रकार इस नगर पर यूनान के अधिकार का अंत हो गया। अज़मीर इस देश के पश्चिमी भाग में स्थित है और तुर्की का प्रजाताँत्रिक आंदोलन यहीं से आरंभ हुआ था।

 

15 मई सन 1940 ईसवी को द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जर्मनी की सेना ने 5 दिनो के भयानक और व्यापक आक्रमण के बाद हॉलैंड पर अधिकार कर लिया। जर्मनी की नाज़ी सेना ने 10 मई सन 1940 ईसवी से इस देश के पश्चिम में स्थित देशों हॉलैंड , बेल्जियम, फ्रांस और लग्ज़मबर्ग पर आक्रमण आरंभ किया। और थोड़े ही समय मे चारों देशों पर अधिकार कर लिया। हॉलैंड पर जर्मनी का अधिकार हो जाने के बाद हॉलैंड की रानी विलहेलमीना और इस देश के वरिष्ट आधिकारी ब्रिटेन चले गये और 1945 में हॉलैंड के स्वतंत्र हो जाने के बाद उन लोगों ने पुन: इस देश में सरकार बनाई।

 

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26 उर्दिबहिशत सन 1372 हिजरी शमसी को तेहरान विश्वविद्यालय में साहित्य के शिक्षक एवं विख्यात लेखक डॉक्टर महदी दरख़्शां का निधन हुआ। वे सन 1297 हिजरी शम्सी में जन्मे थे और उन्होंने शिक्षा प्राप्ति के बाद पढ़ाना आरंभ कर दिया। वे तुर्की की राजधानी अंकारा के विश्वविद्यालय में भी कुछ समय तक प्रोफेसर रहे। डाक्टर दरख़्शॉं ने कई महत्वपूर्ण पुस्तके लिखी हैं जिनमे जवाहिरुल कलाम आदि का नाम लिया जा सकता है।

 

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21 रमज़ान सन 40 हिजरी क़मरी को पैग़म्बरे इस्लाम सलल्लाहो अलैहे व आलेही व सल्लम के उत्तराधिकारी हज़रत अली अलैहिस्सलाम शहीद हुए। दो दिन पूर्व अर्थात उन्नीस रमज़ान को नमाज़े सुबह के समय इब्ने मुलजिम ने उनके सिर पर विष में बुझी तलवार से हमला करके घायल कर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बाद आज ही के दिन हज़रत अली अलैहिस्सलाम शहीद हो गये। हज़रत अली अलैहिस्सलाम की शहादत से इस्लाम और मुसलमानों को ऐसी हानि हुई जिसकी कभी भी भरपाई नहीं हो सकती। हज़रत अली अलैहिस्सलाम की जीवन शैली और उनके प्रशासन का ढंग और उनके मूल्यवान कथन अब भी सदियां गुज़रने के बाद भी बाक़ी हैं और न्याय और सत्य के खोजियों के लिए एक उज्जवल दीप की भांति है।

हज़रत अली अलैहिस्सलाम के मूल्यवान कथनों, भाषणों और पत्रों को नहजुल बलाग़ा नामक पुस्तक में संकलित किया गया है जो अद्वितीय किताब है।

हज़रत अली अलैहिस्सलाम जीवन के अंतिम क्षणों में अपने परिवार से वसीयत करते हुए कहते हैं कि मैं तुम्हें ईश्वरीय भय और अपने कामों को व्यवस्थित करने की वसीयत करता हूं, अनाथों का ध्यान रखना और पड़ोसियों से अच्छा बर्ताव करना कि पैग़म्बरे इस्लाम ने पड़ोसियों का ध्यान रखने पर बहुत अधिक बल दिया है।