May २२, २०१६ ०७:४० Asia/Kolkata

22 मई सन 1885 ईसवी को फ्रांस के विख्यात कवि और लेखक विक्टर ह्यूगो का 83 वर्ष की आयु में निधन हुआ।

1420, ऑस्ट्रिया और सीरिया से यहूदियों को निकाला गया।

1805, गवर्नर जनरल लार्ड वेलेजली ने एक आदेश के तहत दिल्ली के मुग़ल बादशाह के लिए एक स्थायी प्रावधान की व्यवस्था की।

1915, प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इटली ने आस्ट्रिया, हंगरी तथा जर्मनी के खिलाफ़ युद्ध की घोषणा की।

1947, ट्रूमन दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए गए।

1949, पश्चिम जर्मनी संविधान, अंगीकार करने के बाद औपचारिक रूप से अस्तित्व में आया।

1977, बेनिन ने संविधान को अंगीकार किया।

1984, बछेन्द्री पाल दुनिया की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट को फतह करने वाली पहली भारतीय महिला बनी।

2009, भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति रोह मू ह्यून ने अपने घर के नज़दीक पहाड़ियों से छलांग लगाकर आत्महत्या की।

2010, सैन डियागो के डा. क्रेग वेंटर के नेतृत्व वाली वैज्ञानिकों की 24 सदस्यीय टीम ने प्रयोगशाला में कृत्रिम जीवन बनाने में सफ़लता पाई।

 

वे समाज के वंचित वर्ग के हित में सुधार के पक्षधर थे। वे सन 1802 ईसवी में जन्मे और युवाकाल से ही शायरी करने लगे। उनकी आयु 25 वर्ष की थी कि वे फ्रांस अकेडमी के सदस्य बन गए साथ ही उन्हें सांसद भी चुन लिया गया। नेपोलियन त्रितीय के शासन काल में ह्योगो ने सरकार की अत्याचार पूर्ण नीतियों और कार्यवाहियों पर आपत्ति जताते हुए राजनीति से नाता तोड़ लेने की घोषणा की। उन्हें 20 वर्ष के लिए फ्रांस से देशनिकाले का जीवन बिताना पड़ा और इस अवधि में उन्होंने अपने विख्यात उपन्यासों की रचना की। विक्टर ह्यूगो को इस काल के रोमैन्टिज़्म का जनक कहा जाता है। उनकी साहित्यिक रचनाओं के अनुवाद असहाय, व्यक्ति जो हंसता है, समुद्र के मज़दूर आदि हैं।

 

22 मई सन 1893 ईसवी को रूस के शायर विलादमीर मायकोफ़िस्की का जन्म हुआ। 1917 में रूस में कम्युनिस्ट क्रान्ति के समय उन्होंने क्रान्ति की प्रशंसा में शेर लिखे। उनका मानना था कि साहित्य को आम जनता की बोलचाल वाली भाषा में होना चाहिए और लोगों के दुखों और कठिनाइयों का दर्पण बन कर प्रभावी भूमिका निभाना चाहिए। इसी लिए उन्होंने जनता से संबंधित सुधारों को अपने शेरों का भाग बनाया। उनकी कई पद्य रचनाएं अब भी रूसी साहित्य की शोभा बढ़ा रही हैं।

22 मई सन 1966 ईसवी को बाल फ़िल्मों की दुनिया के जाने पहचाने कलाकार वाल्ट डिज़्नी का निधन हुआ। वे सन 1901 ईसवी में अमरीका में पैदा हुए और हार्वर्ड विश्वविद्यालय से कला के क्षेत्र में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की। वाल्ट डिज़्नी ने कार्टून फ़िल्मों के निर्माण में सराहनीय भूमिका निभाई है। उन्होंने कई बार अपनी कला के माध्यम से ऑस्कर पुरस्कार जीता।

22 मई सन 1990 ईसवी को उत्तरी और दक्षिणी यमन के विदेश मंत्रियों ने एक संयुक्त घोषणा पत्र में दोनों देशों के एकीकरण की घोषणा की। इस प्रकार यह दोनों देश पुनः एक अखंड देश बन गए और दोनों देशों के सांसदों ने मिलकर संयुक्त यमन का नया संविधान पारित किया। इस घटना के बाद ब्रिगेडियर जनरल अली अब्दुल्लाह सालेह यमन के राष्ट्रपति चुने गए। अली अब्दुल्लाह सालेह बाद में तानाशाह बन गए और 33 वर्ष तक उन्होंने देश पर तानाशाही के रूप से शासन किया। जनता ने उनके शासन से तंग आकर क्रांति आरंभ कर दी और एक वर्ष तक प्रदर्शन जारी  रहने के बाद सालेह को देश से बाहर जाना पड़ा।

 

दक्षिणी और उत्तरी यमन की जनता की गहरी रूचि ने दोनों देशों को एक गणराज्य में परिवर्तित किया जबकि इसके पीछे कुछ राजनैतिक कारण भी थे। वर्ष 1914 में उसमानी शासन और ब्रिटेन के बीच होने वाले समझौते के आधार पर यमन दो भागों में विभाजित हो गया था।  

 

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28 रमज़ान सन 272 हिजरी क़मरी को ईरान के खगोल शास्त्री अबू माशर बल्ख़ी का निधन हुआ। तीसरी शताब्दी हिजरी के आरंभ में वे बग़दाद गये और वहॉ खगोल शास्त्र की शिक्षा आरंभ की। इस क्षेत्र में व्यापक अध्ययन के बाद वे प्रसिद्ध खगोल शास्त्री बन गये। कई शताब्दियों बाद तक उनकी ख्याति विश्व में फैली रही। उनका मानना था कि हर ज्ञान का स्रोत ईश्वर है।