रविवार- 19 जुलाई
19 जूलाई सन 1827 क्रांतिकारी मंगल पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में हुआ था
19 जूलाई सन 1763 में मीर क़ासिम को कटवा युद्ध में अग्रेज़ों से पराजय हुई।
19 जूलाई सन 1799 में रोज़ेटा स्टोन मिला जिससे प्राचीन मिस्र की सभ्यता की खोज में बहुत मदद मिली।
19 जूलाई सन 1814 में रिवॉल्वर का आविष्कार करने वाले सैमुअल कोल्ट का जन्म हुआ था.
19 जूलाई सन 1827 क्रांतिकारी मंगल पांडे का जन्म उत्तर प्रदेश के फैजाबाद जिले में हुआ था
19 जूलाई सन 1845 को न्यूयार्क में इस नगर के इतिहास की अत्याधिक भीषण आग लगी।
19 जूलाई सन 1900 फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहली मेट्रो रेल चली थी. दुनिया की पहली मेट्रो सेवा लंदन में शुरू हो चुकी थी
19 जूलाई सन 1949 को टिहरी गढ़वाल के राजा ने भारत के साथ विलय की घोषणा की।
19 जूलाई सन 1969 भारत सरकार ने देश के चौदह बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया
19 जुलाई सन 1881 ईसवी को जर्मनी के विख्यात रसायनशास्त्री हरमैन एश्टेडिंगर का जन्म हुआ।
उन्हें रसायन शास्त्र से गहरा लगाव था और इस क्षेत्र में अपने कठिन परिश्रम से वे नोबल पुरस्कार जीतने में सफल हुए। उन्हें सन 1953 में इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 84 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ।
19 जुलाई सन 1979 ईसवी को निकारगुआ देश की जनता की क्रान्ति सफल हुई। जनता इस देश के अमरीका समर्थक तानाशाह सोमोज़ा के विरुद्ध क्रान्ति लायी थी। सोमोज़ा अमरीका के पिटठू निर्दयी तानाशाह थे। वे सन 1967 में निकारागुआ के शासक बने और उसी समय से केन्द्रीय अमरीका के इस देश में जनविरोध की लहर दौड़ने लगी किंतु 1963 में उनके विरुद्ध आरंभ होने वाली छापामार कार्रवाई 1970 में अपनी चरम सीमा पर पहुँच गयी और फिर उसके बाद से सैन्डनिस्टा राष्ट्रीय सशस्त्र संघर्ष नाम से प्रसिद छापामार गुटों ने जनता के समर्थन से एक के बाद दुसरे नगर पर अधिकार करना आरंभ कर दिया। अंतत: सोमोज़ा को निकारागुआ से भागना पड़ा और आज के दिन छापामार सेना राजधानी मानागुआ में घुसी और क्रान्ति सफलता के लक्ष्य तक पहुँच गयी। क्रान्ति की लड़ाई में लगभग 40 हज़ार लोग मारे गये और दो लाख से अधिक बेघर हुए। अमरीका ने क्रान्ति को हानि पहुँचाने और उसे विफल करने के लिए बहुत प्रयास किये। इसके लिए इस देश ने निकारागुआ में अर्ध सैनिकों का गुट भी तैयार किया जिसने देश की जनता को भारी हानि पहुँचाई। एक लाख तीस हज़ार 700 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल वाला यह देश होंडोरास और कोस्टारिका देशों के पड़ोस में स्थित है।

19 जुलाई वर्ष 1842 को अफ़ीम युद्ध नाम से पर्सिद्ध चीन और ब्रिटेन के मध्य युद्ध हुआ जिसमें चीन को पराजय हुई। 19 वीं शताब्दी के पहले अर्ध में ब्रिटेन द्वारा भारत पर पूर्ण अधिकार और चीनी मंडियों पर एकाधिकार के साथ उसकी गणना एशिया की वर्चस्ववादी शक्ति के रूप में होने लगी। जो चीज़ ब्रिटेन को चीन के साथ सबसे अधिक व्यापार को विकसित करने के लिए प्रेरित करती थी वह भारत और उसके आस पास के क्षेत्रों के साथ ब्रिटेन की आर्थिक गतिविधियों का विस्तृत होना था। जो चीज़ें ब्रिटेन चीन को बेचता था उनमें से एक अफ़ीम थी। चीन में अफ़ीम का सेवन करने वालों की संख्या में वृद्ध धीरे धीरे चीनी सरकार की प्रतिक्रिया का कारण बनी और अंतत: उसने ब्रिटेन से अफ़ीम के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया परंतु ब्रिटेन सरलता से इस मुनाफ़े वाले सौदे की अनदेखी नहीं कर सकता था और वह तस्करी द्वारा इस ख़तरनाक वस्तु को चीन भेजता था।
इस बीच चीनी सरकार ने पूरी शक्ति के साथ अफ़ीम की तस्करी से मुकाबला किया। इसके बदले में ब्रिटेन ने इस देश के व्यापारियों की अफ़ीम को हड़प लेने के बहाने पहली जुलई वर्ष 1839 को चीन से युद्ध किया जो अफ़ीम युद्ध के नाम से प्रसिद्ध हुआ। इस युद्ध में चीनी सरकार को भारी हानि उठाने के साथ ब्रिटेन की शर्तों को मानने पर तैयार होना पड़ा और दोनों देशों के मध्य 19 जुलाई 1842 को एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए जिसके अंतर्गत हांगकांग की महत्वपूर्ण बंदरगाह ब्रिटेन के हवाले कर दी गयी। यह बंदरगाह 150 वर्षों के बाद पहली जुलाई वर्ष 1997 को ब्रिटेन को दोबारा चीन के हवाले करनी पड़ी।

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27 ज़ीक़ादा सन 1200 हिजरी क़मरी को भारती इतिहासकार आज़ाद बेलग्रामी का निधन हुआ। उनका जन्म भारत के उत्तर प्रेदश राज्य के बेलग्राम क्षेत्र में हुआ था। वे एक बड़े धर्मगुरु भी थे। उन्हें अरबी और फ़ार्सी भाषाओं का पूरा ज्ञान था। उन्होंने इन दो भाषाओं में गद्य एवं पद्य रचनाएं अपनी यादगार के रुप में छोड़ी हैं। उन्होंने अरबी भाषा में पैग़म्बरे इस्लाम की प्रशंसा में क़सीदे लिखे जिनसे उनहें बड़ी ख्याति मिली। उनकी रचनाओं में दिलगुशानाम मसनवी आदि का नाम लिया जा सकता है।