गरुवार- 30 अप्रैल
30 अप्रैल वर्ष 1030 ईसवी को महमूद ग़ज़नवी का देहान्त हुआ।
उनका पूरा नाम अबुल क़ासिम महमूद था। वह 2 अक्तूबर वर्ष 971 को ग़ज़नी में जन्मे और वर्ष 998 में 27 वर्ष की आयु में अपने पिता सुल्तान नासीरूद्दीन सबुकतकीन के देहान्त के बाद वे ग़ज़नी के शासक बने। भारत पर महमूद ग़ज़नवी के आक्रमणों का क्रम वर्ष 1001 से आरंभ हुआ जो 1026 तक जारी रहा। उन्होंने भारत पर सत्तरह बार आक्रमण किया। वर्ष 1025 के अंत में महमूद ग़ज़नवी ने काठियावाड़ में स्थित सोमनाथ के प्रसिद्ध मंदिर पर आक्रमण किया, यह मंदिर बहुत ही सुरक्षित टापू पर स्थित था। जब उन्होंने सोमनाथ पर आक्रमण किया तो उत्तर भारत के कई राजा महाराजा उनके मुक़ाबले के लिए सेनाएं लेकर आ गये किन्तु उनके पराजित होने के बाद क़िले में बंद लोग हिम्मत हार गये। उन्होंने मंदिर को हानि न पहुंचाने के बदले सोने चांदी को लेने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
- 30 अप्रैल सन् 1598 में अमेरिका में पहली बार थियेटर का आयोजन।
- 30 अप्रैल सन् 1563 कट्टरपंथी यहूदियों को चार्ल्स VI के आदेश पर फ्रांस से निकाला गया।
- 30 अप्रैल सन् 1789 में जार्ज वॉशिंग्टन प्रथम सर्वसम्मति से अमेरिका के पहले राष्ट्रपति चुने गए।
- 30 अप्रैल सन् 1863 में ईस्ट इंडिया कंपनी के भारतीय नौसैनिक ब्रिटिश नौसेना में भेजे गए।
- 30 अप्रैल सन् 1864 में न्यूयॉर्क अमेरिका का ऐसा राज्य बना जहां शिकार के लिए लाइसेंस फीस लागू किया गया।
- 30 अप्रैल सन् 1908 में खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने मुज़फ्फरपुर में किंग्सफोर्ड के मजिस्ट्रेट की हत्या करने के लिए बम फेंका।
- 30 अप्रैल सन् 1945 में जर्मन तानाशाह हिटरल एवं उसकी पत्नी इवा ब्राउन ने आत्महत्या की।
- 30 अप्रैल सन् 1956 में अमेरिका के पूर्व उप राष्ट्रपति और सीनेटर एल्बेन बार्कली की वर्जीनिया में एक भाषण के दौरान मौत।
- 30 अप्रैल सन् 1975 में वियतनाम युद्ध का अंत हुआ।
- 30 अप्रैल सन् 1991 में अंडमान में ज्वालामुखी सक्रिय हुआ।
- 30 अप्रैल सन् 1985 में अमेरिकी पर्वतारोही रिचर्ड डिक बास (55 वर्ष) माउंट एवरेस्ट पर सर्वाधिक उम्र में चढ़ने वाले व्यक्ति बने।
- 30 अप्रैल सन् 2000 में आतंकवाद से निपटने के लिए सहयोग के आहवान के साथ जी -77 शिखर सम्मेलन हवाना में सम्पन्न।
- 30 अप्रैल सन् 2001 में फिलीपींस में एरुत्रादा समर्थकों द्वारा तख्ता पलट का प्रयास।
- 30 अप्रैल सन् 2005 में नरेश के असाधारण अधिकार बरकरार रखते हुए नेपाल में इमरजेंसी समाप्त।
- 30 अप्रैल सन् 2007 में नेत्रहीन पायलट माइल्स हिल्टन ने विमान से आधी दुनिया का चक्कर लगाकर रिकार्ड बनाया।
- 30 अप्रैल सन् 2008 में चालक रहित विमान “लक्ष्य” का उड़ीसा के बालासोर ज़िले के चाँदीपुर समुद्र तट से सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।
- 30 अप्रैल सन् 2013 में नीदरलैंड की महारानी बीट्रिक्स ने पद छोड़ा और विलियम अलेक्जेंडर नीदरलैंड के राजा बने।
30 अप्रैल वर्ष 2010 को बेल्जियम सरकार के सार्वजनिक स्थानों पर बुर्के पर पाबंदी लगाने संबंधी विधेयक के एक कानूनी मसौदे को संसद के निचले सदन ने मंजूरी दे दी। उसके बाद 1 मई वर्ष 2010 को बेल्जियम में महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहन कर आने जाने पर प्रतिबंध लग गया। बेल्जियम सरकार के इस निर्णय इस देश के मुसलमानों ने कड़ा विरोध किया और कई स्थानों पर सरकार विरोधी प्रदर्शन भी हुए।
30 अप्रैल वर्ष 2010 को नेपाल के माओवादी नेता पुष्प कमल दहल प्रचंड के नेतृत्व में माओवादी प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की गठबंधन सरकार को भंग करने और वर्ष 1950 की भारत-नेपाल संधि को निरस्त करने की मांग की पूर्ति के लिए काठमांडू में लाखों की संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्रित हुए।
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11 उर्दीबहिश्त सन 1383 हिजरी शम्सी को ईरान के प्रसिद्ध लेखक और व्यंगकार क्यूमर्स साबिरी फ़ूमनी का देहान्त हुआ। वह सन 1320 हिजरी शम्सी में सूमए सरा में जन्मे। क्यूमर्स साबिरी ने साहित्य से अपने लगाव और व्यंगात्मक शेर कहने की अपनी क्षमता के दृष्टिगत साहित्य का ज्ञान प्राप्त करना आरंभ किया और साहित्य में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की। ईरान के पूर्व तानाशाह की सरकार के विरोध के कारण उनके व्यंगात्मक शेर में राजनैतिक रंग पैदा हो गया। इस्लामी क्रांति की सफलता के बाद विभिन्न पदों पर असीन रहने के बावजूद वह गुल आग़ा के नाम से व्यंगात्मक रचनाएं लिखते थे। 11 उर्दीबहिशत वर्ष 1383 हिजरी शम्सी को उनका देतान्त हो गया।
11 उर्दीबहिश्त सन 1275 हिजरी शम्सी को क़ाजारी परिवार के चौथे बादशाह नासिरूद्दीन शाह की हत्या से ईरान के इतिहास में एक सौ पचास वर्षीय शाही शासन का अंत हुआ और संविधान क्रांति के लिए वातावरण अनुकूल हुआ। नासीरूद्दीन शाह जिस समय अपने शासन की स्वर्ण जयंती मना रहा था उसी समय ईरान के एक क्रांतिकारी मिर्ज़ा रज़ा किरमानी ने उसे गोली मार दी। मिर्ज़ा रज़ा किरमानी सैयद जमालुद्दीन असदाबादी के अनुयाइयों में थे और उन्होंने उस काल में ईरानी समाज में व्याप्त अत्याचारों को मिटाने और न्याय की स्थापना के लिए यह कार्यवाही की थी। नासिरूद्दीन का दीर्घावधि शासन काल, ईरान में क़ाजारी शासन काल के महत्त्वपूर्ण कालों में गिना जाता था। उस काल की अन्य महत्त्वपूर्ण घटनाओं में एक तंबाकू के विरुद्ध आयतुल्लाह मिर्ज़ाए शीराज़ी का फ़त्वा भी है जो उन्होंने एक ब्रिटिश कंपनी को तंबाकू का विशेष लाइसेंस दिए जाने के विरुद्ध जारी किया था। नासिरूद्दीन शाह क़ाजार के दूसरे काल में एक दुखद घटना उस काल के एक योग्य प्रबंधक और प्रधानमंत्री अमीर कबीर की हत्या भी है।
11 उर्दीबहिश्त वर्ष 1314 हिजरी शम्सी को आयतुल्लाह सैयद हसन हुसैनी शीराज़ी ने इराक़ के नजफ़ नगर में एक धार्मिक शिक्षित परिवार में जन्म लिया। उनके पिता आयतुल्लाह मिर्ज़ा मेहदी शीराज़ी, नजफ़ के धार्मिक शिक्षा केन्द्र और कर्बला के दक्ष विद्वानों में गिने जाते थे। सैयद हसन ने प्राथमिक धार्मिक शिक्षा कर्बला के धार्मिक शिक्षा केन्द्र में ग्रहण की और उसके बाद वे अपने पिता और आयतुल्लाह सैयद मुहम्मद मीलानी की उच्च धार्मिक शिक्षा की क्लासों में भाग लेते रहे। दर्शनशास्त्र और तर्कशास्त्र की शिक्षा उन्होंने शैख़ मुहम्मद रज़ा इस्फ़हानी से प्राप्त की। इसी अवधि में उन्होंने इराक़ की बास पार्टी के विरुद्ध राजनैतिक गतिविधियों में भाग लेना आरंभ किया जिसके कारण उन्हें बहुत सी कठिनाइयां उठानी पड़ीं। विश्व साम्राज्य के पिट्ठुओं ने 11 उर्दीबहिश्त वर्ष 1359 हिजरी शम्सी को इस महान धर्मगुरू को शहीद कर दिया।
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6 रमज़ान सन 463 हिजरी क़मरी को ईरान के तबरेज़ नगर में महान धर्मगुरु हमज़ा बिन अब्दुल अज़ीज़ दैलमी का निधन हुआ।
उनकी उपाधि अबु अली थी और व सल्लर दैलमी के मामले विख्यात थे? वे विख्यात मुसलमान धर्म गुरु शैख मुफीद और सैयद मुर्तज़ा अलमुल हुदा के शिष्य थे। उनकी प्रसिद्ध पुस्तक का नाम अल मरासिमुल अलवीया वल अहकमुन्नबवीया है। जो उनकी दस पुस्तकों के साथ जवामउल फ़िक़ह शीर्षक के तहत प्रकाशित हुई है।
6 रमज़ान सन 463 हिजरी क़मरी को अबू याला जाफ़री का निधन हुआ। वे महान धर्म गुरु थे और शैख़ मुफ़ीद के प्रतिनिधि थे। इस्लामी ज्ञान जैसे फिक़ह आदि की उन्हें व्यापक जानकारी थी। उन्होंने मीलादे साहेबुज़्ज़मान सहित कई पुस्तकें लिखीं हैं।