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मस्जद और उपासना- 16
Jan २३, २०१८ ११:१६जैसा कि पिछले कार्यक्रम में आपको बताया कि मस्जिद बनाने का मुख्य लक्ष्य ईश्वर की उपासना के लिए विशेष स्थल का बनाना है और इसे मस्जिद इसलिए कहते हैं क्योंकि वहां लोग सजदे की मुद्रा में ईश्वर के सामने अपनी तुच्छता को स्वीकार करते हैं।
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मस्जिद और उपासना- 15
Jan २३, २०१८ १०:०७इससे पहले के कार्यक्रमों में हमने कहा कि मस्जिद ऐसा घर है जिसका मेज़बान ईश्वर है और वह हर मेहमान का दया व कृपा से स्वागत व सत्कार करता है।
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मस्जिद और उपासना- 14
Dec १२, २०१७ १३:४१हमने बताया था कि मस्जिद को इस्लाम में विशेष महत्व प्राप्त रहा है।
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मस्जिद और उपासना- 13
Dec १२, २०१७ १३:३४जुमे की नमाज़ शहरों की कड़ी व मुख्य मस्जिद में आयोजित होती है।
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मस्जिद और उपासना- 12
Dec १२, २०१७ १३:०६मस्जिद का मुख्य इस्तेमाल, जमात के साथ नमाज़ का आयोजन है।
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मस्जिद और उपासना- 11
Nov १४, २०१७ १२:४५जैसा कि आप जानते हैं कि मस्जिद नमाज़ पढ़ने और जमाअत के साथ नमाज़ पढ़ने की जगह है।
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मस्जिद और उपासना- 10
Nov १४, २०१७ १२:२३हमने इस बात का उल्लेख किया कि ‘एतेकाफ़’ ऐसी विशेष उपासना है जो मस्जिद में की जाती है।
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मस्जिद और उपासना-9
Nov १४, २०१७ ११:३६इस्लाम एक सामाजिक एवं सामूहिक धर्म है और समाज से कटकर अलग थलग रहकर तपस्या करने का इस्लाम में कोई महत्व नहीं है।
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मस्जिद और उपासना-8
Nov १२, २०१७ १३:२०जैसाकि आप जानते हैं आसमानी धर्मों में ईश्वर की उपासना को विशेष महत्व दिया गया है।
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मस्जिद और उपासना- 7
Nov १२, २०१७ १२:३१आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में इस बात का उल्लेख किया कि सभी ईश्वरीय धर्मों में ईश्वर की उपासना को विशेष अहमियत दी गयी है और इस आधार पर उपासना स्थल को भी विशेष अहमियत हासिल है।