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इस्राईल अपनी जलाई आग में ख़ुद भस्म हो जाएगा
Apr १२, २०२१ २२:०१ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर इस्राईल के आतंकी हमले, इस कार्यक्रम में रुकावट नहीं डाल सकते, जैसा कि इससे पहले स्टक्सनेट का वायरस हमला भी इसमें रुकावट नहीं डाल सका था, अलबत्ता इस तरह के हमले संयुक्त राष्ट्र संघ के घोषणापत्र के अनुच्छेद नंबर 51 के अनुसार क़ानूनी प्रतिरक्षा के सिद्धांत के आधार पर प्रतिक्रिया दिखाने के लिए ईरान के हाथ खोल देंगे।
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कश्मीर में झड़पों में फिर कई अलगाववादियों की मौत, गुपकार एलायंस पर सवाल, एलजी की नसीहतें
Apr ११, २०२१ २०:१६कश्मीर में झड़पों में फिर कई अलगाववादी छापामार मारे गए। पिछले कुछ घंटों में लगभग 11 अलगाववादी मारे गए हैं।
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सुप्रीम कोर्ट इलेक्टरल बॉन्डस के संबंध में गोपनीयता को हटा सकती थी, ऐसा हुआ नहीं जो बहुत बुरा है, राजनैतिक पार्टियों को 200 करोड़ तक चंदा, क्या कोई फ़्री में देगा?
Apr १०, २०२१ २१:५६भूतपूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2017 के बजट भाषण में कहा था कि राजनैतिक फ़न्डिंग में पारदर्शिता के बिना, साफ़ सुथरा चुनाव मुमकिन नहीं है।
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भारत में खाना बर्बाद करने का दिल दहलाने वाला आंकड़ा, किस तरह हर एक अपना योगदान देकर इसे रोक सकता है
Apr ०८, २०२१ १३:००इंडियन एक्सप्रेस ने इस विषय पर बड़ा महत्वपूर्ण लेख प्रकाशित किया है। अख़बार लिखता है कि फ़ूड वेस्ट इंडेक्स की 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक़, जो यूएन एन्वायरन्मेन्ट प्रोग्राम में छपी, भारत में घरों में प्रति व्यक्ति 50 किलो खाना फेका जाता है। यह तब है जब भूख डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में हर दिन अवसतन 6849 लोग भूख से मरते हैं।
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क्या वाक़ई ईरान से क़रीब होना चाह रहा है सऊदी अरब? इस बड़े कंडीशनल बदलाव के पीछे कारण क्या है? क्या होगा ईरान का जवाब?
Apr ०७, २०२१ २०:४०सऊदी अरब के अधिकतर अधिकारियों को अकसर यह शिकायत रहती है कि ईरान इलाक़े में अस्थिरता फैला रहा है। लेबनान से लेकिर सीरिया, इराक़, यमन और ख़ुद सऊदी अरब के भीतर तक हर जगह ईरान सक्रिय है मगर हमारे विचार में सऊदी अधिकारियों की सबसे बड़ी ग़लती यही है कि वह इस पूरे इलाक़े में अस्थिरता और अशांति के मूल कारण को देखना ही नहीं चाहते।
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यमन जंग के दलदल से निकलने के लिए छटपटाता सऊदी अरब
Apr ०५, २०२१ २१:५०सत्ता में भागीदारी के समझौते में यमन की तबाह करने वाली जंग के मुख्य खिलाड़ियों को, वार्ता की मेज़ पर जगल मिले जिसमें देश के संसाधनों पर सबकी पहुंच बराबर हो
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तालेबान की बढ़ती ताक़त की वजह, अफ़ग़ान सरकार कितनी ज़िम्मेदार? नक़्शा बहुत कुछ बता रहा है!
Apr ०४, २०२१ १२:१८अमरीकी थिंक टैंक विदेश संबंध परिषद सीएफ़आर ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान के हालात, तालेबान की बढ़ती ताक़त और इस देश के अस्पष्ट भविष्य का इशारा दे रहे हैं।
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अपना एजेंडा चलाने के लिए कहां कहां से और कैसै कैसे फंड जुटा रहा है आरएसएस? अलजज़ीरा की आंख खोल देने वाली रिपोर्ट
Apr ०२, २०२१ १९:१५अमरीका में 5 संगठन दसियों लाख डॉलर का कोविड-19 राहत फ़न्ड हासिल कर भारत में आरएसएस से जुड़े कट्टरपंथी संगठनों को भेज चुके हैं। ये संगठन भारत में कट्टरपंथी संगठनों से जुड़े हुए हैं। उनकी इन गतिविधियों पर अमरीका में चिंता जतायी जा रही है।
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अमरीका की विदेश नीति बदल चुकी है, भारत को घटक होने की ख़ुशफ़हमी से निकल आना चाहिए
Apr ०१, २०२१ १३:४८इस नए बुनियादी बदलाव का मुख्य भाग स्मार्ट सैंक्शन का सिस्टम है, जिसमें देश को नहीं बल्कि विशेष व्यक्तियों, कंपनियों और संस्थाओं को कथित उल्लंघनों के लिए टार्गेट किया जाता है।
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क्या पश्चिमी लोकतंत्र हार रहा है और चीनी व रूसी शासन शैली कामयाबी का पर्याय बन गई है?
Mar ३१, २०२१ २०:०१पश्चिमी देशों ने अपनी ख़ास डेमोक्रेसी को दुनिया के लिए आदर्श शासन व्यवस्था के रूप में पहचनवाया और बहुत सी जगहों पर ज़बरदस्ती इसे लागू करवाया।