May ३१, २०२४ १७:५८ Asia/Kolkata
  • भारत की ट्रोल आर्मी, इस बार बॉलीवुड हस्तियों के ख़िलाफ़, अपने आक़ा इस्राईल की निन्दा मत करो!
    भारत की ट्रोल आर्मी, इस बार बॉलीवुड हस्तियों के ख़िलाफ़, अपने आक़ा इस्राईल की निन्दा मत करो!

पार्सटुडे- भारत-इस्राईल ट्रेंड ट्रोल आर्मी, भारत में फ़िलिस्तीन के समर्थकों को देश से निकालने या Cancel culture बनाने की कोशिश कर रही है।

रफ़ह पर इस्राईल हमले के कुछ दिनों बाद ही आलिया भट्ट, प्रियंका चोपड़ा, करीना कपूर, सोनम कपूर और वरुण धवन जैसे कई बॉलीवुड सितारों ने फ़िलिस्तीन के साथ अपनी एकजुटता दिखाई और फ़िलिस्तीनियों का भरपूर समर्थन किया।

आलिया ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा:

सभी बच्चे प्यार के पात्र हैं। सभी बच्चे सुरक्षा के मुस्तहक़ हैं। सभी बच्चे शांति के हक़दार हैं। सभी बच्चे जीने के पात्र हैं और सभी माताएं अपने बच्चों को ये अधिकार देने में सक्षम होने की हकदार हैं।

उन्होंने इस स्टोरी के साथ हैशटैग AllEyesOnRafah लगाया।

माधुरी दीक्षित, तृप्ति डिमरी, फ़ातिमा सना शेख़, सामंथा रुथ प्रभु, दीया मिर्ज़ा और स्वरा भास्कर जैसे सितारे भी इस ग्रुप में शामिल हो गए।

लेकिन ज्यादा समय नहीं गुज़रा था कि पिछले मामलों की तरह, भारत की ट्रोल आर्मी ने, इस्राईली प्रोपेगैंडों का साथ देते हुए इन प्रसिद्ध हस्तियों के पोस्ट पर एक संगठित तरीक़े से हमला करना शुरु कर दिया।

ये ट्रोल्स, जो स्पष्ट रूप से व्हाटअबाउटिज्म (Whataboutism) जैसे लोगों के ख़िलाफ प्रोपेगेंडा नीति का इस्तेमाल करते हैं, ताकि इन लोकप्रिय हस्तियों को चुप्प रखने की पूरी कोशिश करें और स्वतंत्र रूप से अपनी राय व्यक्त करने से उन्हें रोक दें।

दरअसल, ये ट्रेंड ट्रोल भारत में फ़िलिस्तीन समर्थकों के लिए कैंसिल कल्चर (Cancel culture) बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

मिसाल के तौर पर, इनमें से कुछ ट्रोल्स ने एक ही कमेंट से और अपने ट्रोल के दौरान अपनी आपत्तिजनक टिप्पणियों में व्हाटअबाउटिज़्म (Whataboutism) टेकनीक का इस्तेमाल करते हुए लिखा: इंसानियत साथ खड़ा होना ठीक है, आप हिंदुओं की हत्या के बारे में बात क्यों नहीं करते? आप मारे गये इस्राईलियों के बारे में बात करने क्यों नहीं आते? आप ईसाईयों की मौतों पर बात क्यों नहीं करते?

या दूसरे ट्रोलर्स ने लिखा: "आप यह क्यों नहीं कहते कि यह हमास और फ़िलिस्तीनियों की गलती है? आप यह क्यों नहीं कहते कि युद्ध की वजह हमास है?

ट्रोल करने वाले कई दूसरे एकाउंट्स ने भी इन हस्तियों की फ़िलिस्तीन के प्रति हमदर्दी वाली पोस्ट के नीचे लिखा: चलो, अगर आप सच कह रहे हैं, तो इसके बजाय हिंदुओं के उत्पीड़न के बारे में बात करें। आप भारत के बारे में बात क्यों नहीं करतीं? आप विदेश के लोगों के बारे में क्यों बात कर रही हैं?

इस्राईल द्वारा फ़िलिस्तीनियों के क़त्लेआम के बाद से, सोशल मीडिया में घटने वाली दुनिया की अजीब घटनाओं में इन नरसंहारों के समर्थन में संगठित भारतीय ट्रोलर्स का मैदान में उतर आना है।

समीक्षाएं करने वाली कुछ साइट्स का कहना है कि इस्राईल और नेतन्याहू ने पिछले वर्षों में अपने विरोधियों, विशेषकर मुसलमानों के ख़िलाफ भारतीय लोगों और उनकी सोशल मीडिया शक्ति को इस्तेमाल करने के लिए बहुत ज़्यादा निवेश किया है।

ट्रोलिंग का मतलब क्या होता है?

ट्रॉल इण्टरनेट स्लैंग में ऐसे व्यक्ति को कहा जाता है जो किसी ऑनलाइन समुदाय जैसे चर्चा फोरम, चैट रुम या ब्लॉग आदि में भड़काऊ, अप्रासंगिक तथा विषय से असम्बंधित सन्देश प्रेषित करता है।

कीवर्ड्स: भारत-इस्राईल संबंध, भारतीय ट्रोलर्स, इस्राईली प्रोपेगैंडा, इस्राईली ट्रोल, ग़ज़ा में नरसंहार, ग़ज़ा युद्ध (AK)

 

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