कश्मीर पर ब्रिटेन की लेबर पार्टी ने रुख़ बदला, भारत होगा ख़ुश?
ब्रिटेन में विपक्षी लेबर पार्टी के नवनियुक्त नेता कीयर स्टर्मर ने अपनी पार्टी के रुख़ में अहम बदलाव की घोषणा करते हुए कहा है कि वे कश्मीर या भारत के किसी भी संवैधानिक मसले में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
कीयर स्टर्मर ने चार अप्रैल को जर्मी कोर्बिन की जगह ली है। जर्मी के नेतृत्व वाली लेबर पार्टी की विचारधारा को वामपंथी माना जाता था। अब लेबर पार्टी के नए नेता कीयर स्टार्मर ने कहा कि कश्मीर, भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मामला है। उन्होंने लेबर फ़्रेंड्स ऑफ़ इंडिया की एक टीम से मुलाक़ात के बाद कहा कि हम एशिया के मुद्दों की वजह से यहां के समुदाय को विभाजित नहीं होने दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारत का कोई भी संवैधानिक मुद्दा, भारतीय संसद का मुद्दा है और कश्मीर मामले को भारत और पाकिस्तान को शांतिपूर्वक सुलझाना चाहिए।
ब्रिटेन में भारतीय और पाकिस्तानी मूल के लोगों की काफ़ी बड़ी संख्या है और दोनों ही समुदाय यहां की राजनीति में महत्व रखते हैं। लेबर पार्टी के नवनियुक्त नेता स्टर्मर कश्मीर के मामले में अपने पूर्ववर्ती जर्मी कोर्बिन की नीतियों से दूरी बनाते हुए नज़र आ रहे हैं। कोर्बिन ने कश्मीर में मानवता पर बहुत बड़ा संकट बताते हुए एक आपातकालीन प्रस्ताव पास किया था। उन्होंने 2019 में कश्मीर पर ट्वीट किया था, जिससे उनका रुख स्पष्ट हो गया था। उन्होंने लिखा था कि कश्मीर के हालात बहुत ही व्यथित करने वाले हैं। कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन हो रहा है जो बिल्कुल अस्वीकार्य है। कश्मीरियों के अधिकारों का सम्मान अवश्य होना चाहिए और संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों को लागू किया जाना चाहिए।
जब मोदी सरकार ने कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया था तो लेबर पार्टी ने कश्मीर में एक अंतर्राष्ट्रीय टीम भेजने की मांग की थी और नागरिकों के लापता होने और मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया था। लेबर पार्टी ने अपने प्रस्ताव में कहा था कि कश्मीर के लोगों को अपने भविष्य के बारे में फ़ैसला करने का अधिकार मिलना चाहिए। (HN)