अमरीका अपना मज़ाक़ न उड़वाएः ज़रीफ़
विदेशमंत्री ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान में शासन व्यवस्था बदलने का प्रयास करके अमरीका अपना मज़ाक़ न उड़वाए।
जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि ईरान की शासन व्यवस्था, इस्लामी लोकतंत्र पर आधारित है जिसकी शक्ति जनता में निहित है। उन्होंने कहा कि एेसी व्यवस्था को बदलने की सोच ही निंदनीय है। विदेशमंत्री ने सोमवार की रात न्यूयार्क में कहा कि अमरीका ने विगत की घटनाओं से कोई पाठ नहीं लिया और अब ईरान में शासन व्यवस्था के परिवर्तन की बात कहकर स्वयं को धोखा दे रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के किसी भी देशों में ईरान जैसा लोकतंत्र नहीं पाया जाता।
जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि ईरान में इस्लामी क्रांति की सफलता के समय से ही यहां की शासन व्यवस्था को परिवर्तित करने की नीति को वाइट हाउस में प्राथमिकता प्राप्त रही है किंतु अमरीकियों का यह सपना कभी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमरीकी प्रतिबंधों को अनुपयोगी बताया। विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि जिस समय अमरीका ने प्रतिबंध लगाए थे उस समय ईरान के पास 200 सेंट्रीफ्यूज़ थे जबकि प्रतिबंधों के बाद उनकी संख्या बढ़कर बीस हज़ार हो गई। विदेशमंत्री ने कहा कि ईरान पर प्रतिबंधों के संदर्भ में अमरीका को अपनी नीति बदलनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि अमरीकी रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने हाल में कहा है कि तेहरान और वाशिग्टन के द्विपक्षीय मैत्रीपूर्ण संबन्धों के लिए यह आवश्यक है कि ईरान की शासन व्यवस्था को परिवर्तित किया जाए।