Pars Today

Hindi
  • होम
  • रेडियो
  • Albanian shqip
  • Armenian Հայերեն
  • Assyrian ܐܬܘܪ̈ܝܐ
  • Azeri Azəri
  • Bangla বাংলা
  • Chinese 中文
  • Dari دری
  • English English
  • French français
  • German Deutsch
  • Hausa Hausa
  • Hebrew עברית
  • Hindi हिन्दी
  • Indonesian Bahasa Indonesia
  • Italian Italiano
  • Japanese 日本語
  • Kazakh қазақ тілі
  • Kiswahili Kiswahili
  • Pashto پښتو
  • Persian فارسی
  • Russian Русский
  • Spanish Español
  • Tajik Тоҷик
  • Taleshi Tolışə
  • Turkish Türkçe
  • Turkmen Türkmen
  • Uzbek узбек
  • विश्व
  • पश्चिमी एशिया
  • ईरान
  • धर्म
  • पार्स पीडिया
  • डिस-इन्फ़ो

अमरीका

  • ईरान के क़दम गंभीर, अमरीकी स्पीकर

    ईरान के क़दम गंभीर, अमरीकी स्पीकर

    May ०९, २०१९ ०८:५५

    अमरीकी कांग्रेस की प्रमुख ने ईरान द्वारा परमाणु समझौते के अपने कुछ वचनों के पालन पर रोक को, गंभीर क़दम बताया है।

  • अमरीका सीरिया का विभाजन चाहता है, रूसी विदेशमंत्री

    अमरीका सीरिया का विभाजन चाहता है, रूसी विदेशमंत्री

    May ०९, २०१९ ०७:५४

    रूस के विदेशमंत्री ने कहा है कि अमरीका, सीरिया को विभाजित करना चाहता है।

  • बग़दाद का वॉशिंग्टन को दो टूक जवाब, इराक़-ईरान दोस्ती को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सकता

    बग़दाद का वॉशिंग्टन को दो टूक जवाब, इराक़-ईरान दोस्ती को कोई नुक़सान नहीं पहुंचा सकता

    May ०८, २०१९ १६:०८

    इराक़ के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने अमेरिकी विदेश मंत्री से स्पष्ट कर दिया है कि बग़दाद, ईरान सहित अपने सभी दोस्तों और पड़ोसी देशों के साथ सहयोग और दोस्ती जारी रखेगा।

  • जेसीपीओए पर ईरान का फैसला, युरोप की प्रतिक्रिया, बिना खर्च के समझौता बचाए रखने की आशा!

    जेसीपीओए पर ईरान का फैसला, युरोप की प्रतिक्रिया, बिना खर्च के समझौता बचाए रखने की आशा!

    May ०८, २०१९ १३:५५

    जूलाई 2015 में वियना में ईरान और गुट पांच धन एक के मध्य एतिहासिक परमाणु समझौता हुआ जिसे जनवरी सन 2016 से लागू कर दिया गया किंतु 8 मई सन 2018 को अमरीका इस समझौते से बाहर हो गया जिसके बाद ईरान को आशा थी कि बचे हुए सदस्य इस समझौते को बचाने के लिए कुछ करेंगे किंतु उन्होंने ढेर सारे वादों के अलावा कुछ नहीं किया।

  • जेसीपीओए से अमरीका के बाहर निकलने को एक वर्ष पूरा...

    जेसीपीओए से अमरीका के बाहर निकलने को एक वर्ष पूरा...

    May ०८, २०१९ १२:२५

    ईरान के साथ परमाणु समझौता, अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा के लिए अत्याधिक महत्वपूर्ण समझौता है लेकिन अमरीका 8 मई सन 2018 को इस समझौते से निकल गया।

  • क्षेत्रीय जनता, अमरीका से तंग आ चुकी है, विदेशमंत्री

    क्षेत्रीय जनता, अमरीका से तंग आ चुकी है, विदेशमंत्री

    May ०७, २०१९ १४:१२

    विदेशमंत्री जवाद ज़रीफ़ ने ट्वीट किया है कि अगर अमरीका और उसके पिट्ठुओं को असुरक्षा का आभास है तो उसकी वजह यह है कि इलाक़े के लोग, उनसे तंग आ चुके हैं और ईरान पर आरोप लगाने से यह हालत बदलने वाली नहीं है।

  • दूसरे देशों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का अमरीकी इतिहास

    दूसरे देशों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाने का अमरीकी इतिहास

    May ०७, २०१९ १२:४३

    अमरीका ने किसी भी देश की तुलना में विश्व के अन्य देशों के ख़िलाफ़ प्रतिबंध लगाए हैं। यह प्रतिबंध विभिन्न आरोपों और बहानों के आधार पर लगाए जाते हैं।

  • वेनेज़ुएला पर सैन्य हमले के औचित्य के लिए क्या सीआईए ग्वाइडो की हत्या कर देगी?

    वेनेज़ुएला पर सैन्य हमले के औचित्य के लिए क्या सीआईए ग्वाइडो की हत्या कर देगी?

    May ०७, २०१९ १२:३९

    संयुक्त राष्ट्र संघ के एक पूर्व अधिकारी ने बताया है कि अमरीका, वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति की हत्या की कोशिश में है और इस बात की संभावना है कि सीआईए इस देश पर सैन्य हमले के औचित्य के लिए स्वयंभू राष्ट्रपति ख़्वान ग्वाइडो की हत्या कर दे।

  • अमरीकी, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्यवाही नहीं कर सकते, जनरल देहक़ान

    अमरीकी, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्यवाही नहीं कर सकते, जनरल देहक़ान

    May ०७, २०१९ ११:१९

    रक्षा और सशस्त्र सेना के मामले में वरिष्ठ नेता के सलाहकार ने कहा है कि अमरीकियों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्यवाही करने की क्षमता नहीं है।

  • अमेरिका पर भरोसा करना भारी पड़ा भारत को, ट्रम्प ने मोदी को दिया झटका

    अमेरिका पर भरोसा करना भारी पड़ा भारत को, ट्रम्प ने मोदी को दिया झटका

    May ०७, २०१९ १०:५४

    अमेरिका ने पहले भारत को ईरान से तेल न ख़रीदने और उसके बदले सस्ता तेल देने का वादा किया उसके बाद जब नई दिल्ली ने तेहरान से तेल आयात कम कर दिया तो अमेरिका ने भारत को यह कहकर ज़ोरदार झटका दिया कि हम सस्ता तेल नहीं दिला सकते।

अधिक...
टॉप न्यूज़
  • ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

    ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

    ८ hours ago
  • पेज़ेश्कियान: यदि वे हमसे लड़ना चाहेंगे, तो हम शक्ति के साथ जवाब देंगे

  • अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक: नेतन्याहू के पास अब सुने जाने के लिए कुछ नहीं है

  • साद-उस-सल्तनह, क़ज़्वीन का भव्य कारवांसराय जहाँ सदियों का इतिहास और संस्कृति जीवित हो उठती है

  • ग़रीब-आबादी: अंतरराष्ट्रीय क़ानून चयनात्मक नहीं होने चाहिए

संपादक की पसंद
  • यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

    यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

    १ day ago
  • पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

    पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

    १ day ago
  • रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

    रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

    १ day ago
अधिक देखी गई ख़बरें
  • रिकॉर्ड-तोड़ बॉन्ड यील्ड के लिए क़ालीबाफ़ की बेसनेट को बधाई!

  • यमन: अगर अमेरिका ने दख़ल दिया, तो बाब अल-मंदब को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा

  • पेज़ेश्कियान: पाकिस्तान के साथ सहयोग में विस्तार और मज़बूत रिश्ते चाहते हैं

  • पेज़ेश्कियान: यदि वे हमसे लड़ना चाहेंगे, तो हम शक्ति के साथ जवाब देंगे

  • ईरानी सेना के कार्यकारी उप प्रमुख: प्रतिबंधों के बावजूद हम दुनिया की सबसे मज़बूत सैन्य शक्ति पर भारी पड़े

  • अंतरराष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक: नेतन्याहू के पास अब सुने जाने के लिए कुछ नहीं है

  • साद-उस-सल्तनह, क़ज़्वीन का भव्य कारवांसराय जहाँ सदियों का इतिहास और संस्कृति जीवित हो उठती है

  • विलायती: सना से नजफ़ तक, प्रतिरोध मोर्चा एक है

  • लिबरमैन: नेतन्याहू ने इसराइल को आर्थिक पतन और वैश्विक अलगाव की ओर धकेल दिया है

  • ज़ायोनी विश्लेषक: नेतन्याहू में न्यूयॉर्क में एक रात रुकने की हिम्मत नहीं है

Pars Today

© 2026 PARS TODAY. All Rights Reserved.

समाचार
    विश्व
    पश्चिमी एशिया
    ईरान
    धर्म
    पार्स पीडिया
    डिस-इन्फ़ो
Pars Today
    हमारे बारे में
    हमसे संपर्क करें
    आरएसएस