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लाखों लोगों ने की सूची से नोबेल पुरस्कार वापस करने की मांग
Sep ०९, २०१७ ०५:४६विश्व के लाखों लोगों ने सूची से नोबेल पुरस्कार वापस करने की मांग की है।
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म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार के ख़िलाफ़ लखनऊ में ज़बरदस्त प्रदर्शन
Sep ०८, २०१७ १२:२७म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के नरसंहार और म्यांमार सरकार की बर्बरतापूर्ण कार्यवाहियों एवं चरमपंथी बौद्ध तथा इस देश की सेना द्वारा की जा रही आतंकी कार्यवाहियों के ख़िलाफ़ लखनऊ में जुमे की नमाज़ के बाद ज़बरदस्त विरोध प्रदर्शन हुआ।
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म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के ख़िलाफ़ पूरे कश्मीर में व्यापक प्रदर्शन, कश्मीर से सिब्ते हसन की रिपोर्ट
Sep ०८, २०१७ ११:५४म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार के ख़िलाफ़ पूरे कश्मीर में व्यापक प्रदर्शन, कश्मीर से सिब्ते हसन की रिपोर्ट
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रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में ईरान में व्यापक प्रदर्शन
Sep ०८, २०१७ ११:१७रोहिंग्या मुसलमानों पर किये जा रहे अत्याचारों के विरोध में आज ईरान की राजधानी तेहरान सहित देश के कई नगरों में विरोध प्रदर्शन किये गए।
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रोहिंग्या मुसलमानों को हम शरण देंगेः मलेशिया
Sep ०८, २०१७ १०:५८मलेशिया ने घोषणा की है कि वह अत्याचारग्रस्त रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देने के लिए तैयार है।
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रोहिंग्या मुसलमानों के लिए मानवीय सहायता भेजने के लिए तैयारः ईरान
Sep ०७, २०१७ ११:०४ईरान ने घोषणा की है कि अत्याचार ग्रस्त रोहिंग्या मुसलमानों की सहायता के उद्देश्य से उनके लिए सहायता सामग्री भेजी जा रही है।
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रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार पर दुनिया भर से प्रतिक्रियाएं जारी
Sep ०६, २०१७ १६:०७इराक़ के प्रधानमंत्री और इराक़ी नेश्नल गठबंधन के प्रमुख ने दो अलग अलग बयान जारी करके म्यांमार में रोहिंग्या मुसलमानों के जनसंहार की निंदा की है।
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मालदीव ने म्यांमार के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को किया समाप्त
Sep ०६, २०१७ १५:२८रोहिंग्या मुसलमानों पर हो रहे अत्याचारों पर विरोध प्रकट करते हुए मालदीव ने म्यांमार के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को समाप्त कर दिया है।
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आन सान सूची नोबेल पुरस्कार वापस करेंः आईएसईएससीओ
Sep ०६, २०१७ १०:३१इस्लामी सहयोग संगठन की सांस्कृतिक संस्था isesco ने सरकार की सलाहकार से नोबेल पुरस्कार वापस करने की मांग की है।
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रोहिंग्या मुसलमान कौन हैं और इन पर इतना ज़ुल्म क्यों? (भाग-2)
Sep ०४, २०१७ ११:२३1948 में म्यांमार के ब्रिटेन से आज़ाद होने के बाद, नागरिकता क़ानून पारित किया गया, लेकिन इसमें रोहिंग्या मुसलमानों को नागरिकता प्रदान नहीं की गई।