राष्ट्रमंडल देशों का यूरेशियाई सहयोग के विस्तार का स्वागत
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पार्सटुडे– स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (CIS) के नेताओं ने शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान के तुर्कमेनबाशी स्थित "आवाज़ा" पर्यटन केंद्र में अपनी बैठक के समापन पर, सहयोग और मैत्री के बंधनों को मजबूत करने तथा यूरेशिया क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग के विस्तार पर ज़ोर दिया और 15 सहयोग दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।
(last modified 2026-10-10T08:16:35+00:00 )
Oct १०, २०२६ १३:४४ Asia/Kolkata
  • राष्ट्रमंडल देशों का यूरेशियाई सहयोग के विस्तार का स्वागत
    राष्ट्रमंडल देशों का यूरेशियाई सहयोग के विस्तार का स्वागत

पार्सटुडे– स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (CIS) के नेताओं ने शुक्रवार को तुर्कमेनिस्तान के तुर्कमेनबाशी स्थित "आवाज़ा" पर्यटन केंद्र में अपनी बैठक के समापन पर, सहयोग और मैत्री के बंधनों को मजबूत करने तथा यूरेशिया क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सहयोग के विस्तार पर ज़ोर दिया और 15 सहयोग दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर किए।

पार्सटुडे के अनुसार स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के नेताओं के बयान में कहा गया है: स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल की स्थापना समझौते और अल्मा-अता (वर्तमान अल्माटी) घोषणापत्र पर हस्ताक्षर ने इन देशों के लोगों के बीच ऐतिहासिक संबंधों को बनाए रखने की नींव रखी और इन देशों के बीच संप्रभु समानता के आधार पर पारस्परिक रूप से लाभकारी सहयोग के और विकास, मैत्रीपूर्ण संबंधों और अच्छे पड़ोसी संबंधों को मजबूत करने के लिए एक नए मॉडल की ओर संक्रमण की गारंटी दी।

 

स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल की वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, इस बयान में, जिस पर रूस, तुर्कमेनिस्तान, आज़रबाइजान गणराज्य, बेलारूस, किर्गिज़स्तान, कज़ाखिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान के राष्ट्रपतियों और आर्मेनिया के प्रधानमंत्री के हस्ताक्षर हैं, इस बात पर ज़ोर दिया गया: आज अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बदलाव के साथ-साथ, स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के देश अपने सदस्य देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की गारंटी देते हैं और संवाद के लिए एक अनूठे मंच के रूप में विकसित हो रहे हैं जहाँ बातचीत समानता और पारस्परिक सम्मान के सिद्धांतों पर आधारित है।

 

स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल ने यूरेशिया क्षेत्र में अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग के विस्तार का स्वागत करते हुए घोषणा की: स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के देशों में बनाए गए मजबूत संस्थागत तंत्र, कानूनी ढाँचा और कुशल संरचनाएँ, सुरक्षा सुनिश्चित करने में इच्छुक देशों के बीच सफल सहयोग को संभव बनाती हैं।

 

इस बयान में सीमा सुरक्षा, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबला, अंतर्राष्ट्रीय अपराध, हथियारों और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग से मुकाबला, मानव तस्करी और अवैध प्रवासन, आपातकालीन रोकथाम और प्रतिक्रिया तथा साइबर अपराध को इस राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों के बीच सहयोग के क्षेत्रों के रूप में उल्लेख किया गया है।

 

स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के नेताओं ने इस बयान के एक अन्य भाग में, इन देशों में विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक सहयोग को और मजबूत करने की अपनी इच्छा की घोषणा की जिनमें राजनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक–मानवीय संबंधों को और मजबूत करना शामिल है।

 

इस बयान में, पक्षों ने स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के देशों में वस्तुओं और सेवाओं के मुक्त व्यापार की दक्षता में सुधार और संयुक्त उत्पादन के उत्पादों को तीसरे बाज़ारों में पेश करने तथा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने की अपनी तत्परता की घोषणा की और अनुभव व प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान की अपनी तत्परता पर ज़ोर दिया।

 

स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के नेताओं ने यह भी ज़ोर दिया: सदस्य देशों में आर्थिक स्थिरता बनाए रखने और बाहरी झटकों के प्रभाव को कम करने के लिए, आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना आवश्यक है और वित्तीय, ऊर्जा, औद्योगिक, कृषि, खाद्य, प्रसंस्करण, परिवहन और पर्यावरण क्षेत्रों तथा सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों, जिनमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता भी शामिल है, के उपयोग में इच्छुक सदस्य देशों के बीच अधिक सहयोग के दृष्टिकोणों में सुधार किया जाना चाहिए।

 

स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल के देशों के उन नागरिकों के लिए रोज़गार की स्थिति और सामाजिक व श्रम अधिकारों तक पहुँच को बढ़ावा देना, जो इस राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों में काम करते हैं, तथा उनके परिवार के सदस्यों के लिए भी, इस बयान के अन्य बिंदुओं में से था।

 

इन देशों के नेता, जो पहले सोवियत संघ के विघटन से पहले इस राष्ट्रमंडल के ढाँचे में एकजुट थे, ने विश्व युद्ध में सोवियत जनता की विजय की स्मृति को बनाए रखने को भी अपने देशों के बीच सहयोग के प्रमुख लक्ष्यों में से एक के रूप में निर्धारित किया। mm