रेडियो कार्यक्रम
  • ओलंपिक, रोज़गार और राजनीति

    ओलंपिक, रोज़गार और राजनीति

    Apr ११, २०१६ ११:३६

    30वें ओलंपिक खेलों के समारोह का उद्घाटन विश्वभर के 80 हज़ार खेल प्रेमियों और दसियों राष्ट्राध्यक्षकों की उपस्थिति में शुक्रवार को लंदन के स्ट्राटफ़ोर्ड स्टेडियम में हुआ।

  • कोमल फ़ौलाद

    कोमल फ़ौलाद

    Apr ११, २०१६ ११:३३

    इस्लामी चेतना वह विस्तृत और महा क्रांति है जो विभिन्न देशों में दो शताब्दी पूर्व से अधिक समय से आरंभ हुई है।

  • मिस्र में नया खेल

    मिस्र में नया खेल

    Apr ११, २०१६ ११:३२

    मिस्री तानाशाह हुस्नी मुबारक के शासन के पतन को 15 महीनों से अधिक का समय हो रहा है

  • वैश्विक साहित्य एवं संस्कृति का कोष

    वैश्विक साहित्य एवं संस्कृति का कोष

    Apr ११, २०१६ ११:२९

    कुछ समय पूर्व आलमाती का आबलाये ख़ान विश्वविद्यालय ईरान, क़ज़ाक़िस्तान, रूस, आर्मीनिया और ताजिकस्तान देशों के फ़ारसी भाषा एवं साहित्य के 30 विशेषज्ञों का मेज़बान था।

  • ऐतिहासिक धरोहर

    ऐतिहासिक धरोहर

    Apr ११, २०१६ ११:२७

    पिछले सप्ताह इस्लामी गणतंत्र ईरान की दो ऐतिहासिक धरोहरों को रूस के सेन्ट पीटर्ज़बर्ग नगर में युनेस्को की विश्व धरोहर समिति की 36वीं बैठक में पंजीकृत किया गया।

  • आधुनिक युग में इस्लाम धर्म का विस्तार एवं प्रगति

    आधुनिक युग में इस्लाम धर्म का विस्तार एवं प्रगति

    Apr ११, २०१६ ११:२५

    वर्तमान समय में इस्लाम धर्म ने संपूर्ण विश्व में बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित किया है।

  • ग्राम नसीम गंज रामपुर उत्तर प्रदेश से मोहम्मद आकिल

    ग्राम नसीम गंज रामपुर उत्तर प्रदेश से मोहम्मद आकिल

    Apr ११, २०१६ ११:०८

    मोहम्मद आकिल का यह पत्र ग्राम नसीम गंज रामपुर उत्तर प्रदेश से लिखते हैं मैं आपके कार्यक्रम प्रतिदिन सुनता हूं।

  • रूस, चीन, भारत और पडोसी देशों से सहारा लेकर तेहरान शान्तिपुर्ण कार्यक्रम जारी रखें।

    रूस, चीन, भारत और पडोसी देशों से सहारा लेकर तेहरान शान्तिपुर्ण कार्यक्रम जारी रखें।

    Apr ११, २०१६ ११:०३

    तिलहर शाहजहांपुर उत्तर प्रदेश से हरिवंश योगी लिखते हैं आप का प्रोग्राम सुस्पष्ट एवं व्यवधान रहित हम तक सुचारू हैं।

  • नबी-नबी-नबी-नबी

    नबी-नबी-नबी-नबी

    Apr ११, २०१६ १०:५९

    चमन-चमन की दिलकशी गुलों की है वो ताज़गीहै चाँद जिससे शबनमी, वो कहकशां की रोशनीफ़ज़ाओं की वह रागिनी हवाओं की वह नग़मगीहै कितना प्यारा नाम भी नबी-नबी-नबी-नबी।