Jul २६, २०२० १८:५४ Asia/Kolkata
  • नया सवेरा- 4

पवित्र क़ुरआन ईश्वर का बहुत महत्वपूर्ण चमत्कार है।

किताब के रूप में यह चमत्कार, इन्सानों के मार्गदर्शन और उनकी भलाई के लिए है। सूरे इसरा की आयत संख्या ९ में ईश्वर कहता है कि यह क़ुरआन, उस रास्ते का मार्गदर्शन करता है जो सबसे अच्छा मार्ग है। इस आसमानी किताब में लोगों को सही रास्ता दिखाने के लिए कई शैलियों का प्रयोग किया गया है। इन शैलियों में से एक, वैज्ञानिक विषयों का पेश करना है। क़ुरआन शरीफ़ में एसे वैज्ञानिक को पेश किया गया है कि उस काल में लोगों को उसके बारे में कुछ पता नहीं था।

संसार में एसे बहुत से न्यायप्रिय एवं जागरूक विद्वान गुज़रे हैं जिन्होंने जैसे ही पवित्र क़ुरआन के चमतकार को देखा, उसे स्वीकार करके वे मुसलमान हो गए। क़ुरआन शरीफ़ में जिन वैज्ञानिक विषयों पर विस्तार से बात की गई है उन में से एक विषय, मनुष्य का जन्म र जन्म से पूर्व के चरणों का उल्लेख है जिन्हें तै करके भ्रूण, बच्चे का रूप लेकर दुनिया में आता है।

prof. Keith L. Moore

 

केनेडा के prof. Keith L. Moore. प्रोफ़ेसर कीथ मूर, विश्व के मश्हूर और सर्वमान्य भ्रूणशास्त्री हैं।

उनको भ्रूणविज्ञान का जनक भी कहा जाता है। सन 1984 में प्रोफ़ेसर कीथ मूर को कनाडा की Autopsy संस्था की ओर से JCB पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

स्वाभाविक सी बात है कि प्रोफ़ेसर कीथ मूर जैसे विद्वान के लिए, जो विख्यात एम्ब्रियोलाजिस्ट या भ्रूणशास्त्री होने के साथ ही साथ भ्रूणविज्ञान के जनक, भी हैं, पहले चरण में यह बात बहुत ही आश्चर्च चकित करने वाली थी। उनके हिसाब से भ्रूण के बारे में शताब्दियों पुरानी बात आधुनिक विज्ञान के हिसाब से सही नहीं हो सकती थी।

 

भ्रूणशास्त्र के बारे में पवित्र क़ुरआन में बताई जाने वाली बातों की जानकारी हासिल करने के बाद इस संबन्ध में डाक्टर मूर का कहना था कि जब मैंने देखा की क़ुरआन की आयतों की आधुनिक साइंस पुष्टि कर रही है तो मुझको बहुत ताज़ुब्ब हुआ क्योंकि यह तो सातवीं शताब्दी में आया था और उस समय भ्रण विज्ञान के बारे में जानकारी तो अपनी जगह इस विज्ञान का जन्म तक नहीं हुआ था ।

 

क़ुरआन के चमत्कारों के बारे में मास्को में आयोजित एक कांफ़्रेस में जब किसी पत्रकार ने प्रोफ़ेसर कीथ मूर से पूछा कि क्या आप मुसलमान हो चुके हैं तो इसके उत्तर में उन्होंने कहा था कि नहीं। इसके साथ ही कीथ मूर ने यह भी कहा कि मैं इस बात पर विश्वास रखता हूं कि क़ुरआन ईश्वर की किताब है और हज़रत मुहम्मद (स) ईश्वर के दूत हैं।

प्रोफ़ेसर TVN Persaud

 

प्रोफ़ेसर TVN कनाडा के एक विश्विध्यालय के प्रोफ़ेसर हैं। उन्होंने स्वंय कई महत्वपूर्ण लेख लिखे हैं और डाक्टर कीथ के सहायक के रूप में काम किया है। TVN Persaud ने प्रोफ़ेसर कीथ की कई किताबें लिखने में सहायता की है। सन १९९१ में उन्हें JCB पुरस्कार से सम्मानिक किया गया था। प्रोफ़ेसर TVN Persaud का यह मानना है कि क़ुरआन में बहुत से वैज्ञानिक विषयों को पेश किया गया है।