नया सवेरा- 5
ताज़ा मुसलमा होने वाली नार्वे की मोनिका हैंग्सलेम इस्लाम के बारे में कहती हैं कि इस्लाम को समझने के बाद मुझे यह पता चला कि दुनिया का कोई भी धर्म औरतों को इतना सम्मान नहीं देता जितना इस्लाम देता है।
यूरोपीय देशों में से एक देश नार्वे भी है। यह उत्तरी यूरोप में है। नार्वे तीन स्कैंडिनेवियाई देशों में से एक है। इसकी जनसंख्या पचास लाख से अधिक है।
पश्चिम को वर्तमान समय में जिन समस्याओं का समाना है उनमें से एक वहां पर महिलाओं के विरुद्ध पुरुषों की हिंसा है। Euro Stat के आंकड़ों के अनुसार सन २०१५ में यूरोपीय संघ के देशों में महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के लगभग दो लाख पंद्रह हज़ार केस दर्ज किये गए थे। हालांकि महिलाओं के विरुद्ध पुरूषों की हिंसा की बहुत सी घटनाएं या तो दर्ज ही नहीं हो पातीं या दर्ज नहीं कराई जातीं।
मोनिका कहती है कि एक अन्य विषय जिसने मुझको आरंभ से दुखी कर रखा था वि मेरे धर्म की शिक्षाओं में पाए जाने वाले कुछ विरोधाभास थे। वे कहती हैं कि इंजील की कुछ बाते मेरी समझ से परे थीं। आपको बताते चलें कि वर्तमान समय में ईसाईयों की धार्मिक किताब इंजील को हज़रत ईसा के कई वर्षों के बाद लिखा गया।

वर्तमा इंजील के विररीत पवित्र क़ुरआन को पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स) के जीवन काल में ही लिखा गया। इसको पैग़म्बरे इस्लाम (स) के कुछ विश्वसनीय लोगों ने लिखा। मूल क़ुरआन को हज़रत मुहम्मद (स) के जीवन काल में लिखा जा चुका था अंत : इसमें किसी भी प्रकार का मतभेद नहीं दिखाई देता।
वास्तव में पर्दा करने वाली महिलाएं अपने पर्दे से पुरुषों को परोक्ष रूप में यह संदेश देती हैं कि वे भोग विलास का साधन नहीं हैं अत: उनका सम्मान किया जाना चाहिए।

पश्चिम में कुछ लोग इस्लाम स्वीकार करने से इसलिए बचते हैं क्योंकि वहां पर इस्लाम विरोधी प्रचार होता है। वहां के संचार माध्यमों में इस्लाम की छवि को बिगाड़कर पेश किया जाता है। पश्चिमी संचार माध्यम लोगों को यह बावर कराते हैं कि इस्लाम हिंसा का धर्म है जो कट्टरता को बढ़ावा देता है।
मोनिका हैंग्सलेम अब हज भी कर चुकी हैं। वे इस आध्यत्मिक यात्रा को यादगार यात्रा बताती हैं। हज की अपनी यात्रा के बारे में वे कहती हैं कि जिस समय मैंने पहली बार पवित्र काबे को अपनी आंखों से देखा उस समय मुझको विशेष प्रकार का आभास हुआ। वे कहती हैं कि मुझको एसा लग रहा था कि मानों मैं ईश्वर के बिल्कुल निकट हो चुकी हूं। मेरी बामना है कि इस प्रकार की यात्रा का मुझे फिर सौभाग्य प्राप्त हो। वे कहती हैं कि मुझको पूरा विश्वास है कि हज करने के बाद मनुष्य में बहुत बड़ा परिवर्तन होता है।