• इमाम जाफर सादिक़ अलैहिस्सलाम

    इमाम जाफर सादिक़ अलैहिस्सलाम

    May ०१, २०१६ ११:२४

    उन पापों से ईश्वर की शरण चाहता हूं जो मेरे शीघ्र विनाश के कारण हैं।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-14

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-14

    Apr ३०, २०१६ १२:००

    पच्चीकारी ईरान की प्राचीन कलाओं में से हैं और यह ईरान और अन्य देशों में काफ़ी लोकप्रिय है।

  • ईश्वरीय वाणी-८३

    ईश्वरीय वाणी-८३

    Apr २७, २०१६ १२:०२

    तलाक़ सूरा पवित्र नगर मदीना में उतरा और इसकी 12 आयतें हैं।

  • निज़ामी गन्जवी-2

    निज़ामी गन्जवी-2

    Apr २७, २०१६ ११:२४

    जैसा कि हमने आपको बताया कि हकीम अबू मोहम्मद इल्यास जो निज़ामी गंजवी के नाम से मशहूर हैं, छठी शताब्दी हिजरी क़मरी बराबर 12वीं शताब्दी ईसवी के शायर हैं।

  • ईरानी नववर्ष नौरोज़ के पहले दिन वरिष्ठ नेता के पवित्र नगर मशहद में दिए गए भाषण

    ईरानी नववर्ष नौरोज़ के पहले दिन वरिष्ठ नेता के पवित्र नगर मशहद में दिए गए भाषण

    Apr २७, २०१६ १०:२१

    इस्लामी क्रान्ति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सय्यद अली ख़ामेनई ने ईरानी नववर्ष के पहले दिन पवित्र नगर मशहद में हज़ारों श्रद्धालुओं के साथ इमाम रज़ा अलैहिस्सलाम के रौज़े का दर्शन किया और सभी ईरानियों को नववर्ष की बधाई के साथ ईश्वर से प्रार्थना की कि वह इस साल को ईरानी राष्ट्र सहित पूरी दुनिया के मुसलमानों के लिए मुबारक क़रार दे।

  • इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

    इमाम मोहम्मद तक़ी अलैहिस्सलाम का जन्म दिवस

    Apr १८, २०१६ ०८:३५

    आज रजब महीने की १० तारीख़ है।

  • ईश्वरीय वाणी-८०

    ईश्वरीय वाणी-८०

    Apr ०७, २०१६ ०८:४९

    सूरए सफ़ मदीने में उतरा है और इसमें 14 आयतें हैं।

  • ईश्वरीय वाणी-२७

    ईश्वरीय वाणी-२७

    Apr ०६, २०१६ १२:१०

    कार्यक्रम में पवित्र क़ुरआन के सूरे राद में बिजली और उसकी कड़क, सत्य और असत्य की विशेषताएं, बुद्धिजीवियों के ख़ूबियां और ईश्वर की याद से मन को मिलने वाली शांति की समीक्षा की गयी है।

  • ईश्वरीय वाणी-२६

    ईश्वरीय वाणी-२६

    Apr ०६, २०१६ १२:०५

    पवित्र क़ुरआन के जो सूरे मक्के में नाज़िल हुए उन्हें मक्की कहा जाता है और जो सूरे मदीने में उतरे उन्हें मदनी कहा जाता है।

  • ईश्वरीय वाणी-८२

    ईश्वरीय वाणी-८२

    Apr ०६, २०१६ ११:२३

    तग़ाबुन पवित्र कुरआन का 64वां सूरा है।