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ईरानी विदेश मंत्री की अंसारुल्लाह के प्रवक्ता से हुई मुलाक़ात, यमन द्वारा अंजाम दी गईं कार्वाहियों की सराहना
Jan ०२, २०२४ १०:३३इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री ने फ़िलिस्तीनी जनता के समर्थन में यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह के रुख को सराहनीय और अनुकरणीय बताया है।
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यमन सरकार के वरिष्ठ वार्ताकार ने तेहरान में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी से की अहम मुलाक़ात, लाल सागर की परिस्थितियों पर संवेदनशील चर्चा
Jan ०१, २०२४ १६:०५तेहरान के दौरे पर आए यमन सरकार के वरिष्ठ वार्ताकार ने इस्लामी गणराज्य ईरान के विदेश मंत्री के वरिष्ठ सलाहकार से मुलाक़ात की।
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अंसारुल्ला के प्रवक्ता तेहरान में
Jan ०१, २०२४ ०६:३०ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा के सचिव से अंसारुल्ला के प्रवक्ता ने मुलाक़ात की।
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यमन की सेना अमरीका से टकराने के लिए तैयारः अलबुख़ैती
Dec ३१, २०२३ १२:५१यमन के हमलों के कारण ज़ायोनी बंदरगाह ईलात जहाज़ों से ख़ाली हो चुका है।
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यमन के तट के क़रीब होने वाली घटना के बाद ब्रिटेन ने जहाज़ों को लाल सागर में बहुत सावधान रहने की नसीहत की
Dec ३१, २०२३ ०९:११ब्रिटेन की समुद्री ट्रेड संस्था ने कहा है कि लाल सागर से गुज़रने वाले जहाज़ों को चाहिए कि बहुत एहतियात से काम लें क्योंकि यमन की हुदैदा बंदरगाह से 55 नाटिकल माइल की दूरी पर एक और जहाज़ पर हमले की घटना हुई है।
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ग़ज्ज़ा की विजय होकर रहेगीः अलआमेरी
Dec २९, २०२३ १७:०९गज़्ज़ा में ज़ायोनियों के हाथों निर्दोश फ़िलिस्तीनियों के जनसंहार के बावजूद बहुत से क्रांतिकारी यह मानते हैं कि ग़ज़्ज़ा में ज़ायोनियों की पराजय होगी।
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लाल सागर में तनाव बढ़ा, यमनी सेना की आपातकालीन बैठक, लिया अहम फ़ैसला
Dec २८, २०२३ १२:३१यमन के सशस्त्र बलों ने एलान किया है कि यदि ग़ज़्ज़ा की घेराबंदी जारी रही तो वे ज़ायोनी दुश्मन के खिलाफ हमले तेज कर देंगे।
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इस्राईली अत्याचार की भूमि किसने प्रशस्त की और फ़िलिस्तीन की मज़लूम जनता के खिलाफ अत्याचार कब तक जारी रहेंगे?
Dec २८, २०२३ ११:२६इस्राईल के पाश्विक हमलों में शहीद होने वाले फ़िलिस्तीनियों की संख्या 21 हज़ार से अधिक हो गयी।
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यमनी सेना ने फिर किया ज़ायोनी शासन जाने वाले जहाज़ पर हमला
Dec २७, २०२३ ०७:४३यमन की सेना ने इस्राईल जाने वाले एक व्यापारिक जहाज़ पर फिर मिसाइल से हमला किया है।
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इस्राईल के विरुद्ध लड़ने को तैयार बैठे हैं बीस हज़ार यमनी
Dec २५, २०२३ १२:३८मुहम्मद अलबुख़ैती कहते हैं कि अगर यमन की सीमा फ़िलिस्तीन से मिल रही होती तो हम अबतक इस्राईल का काम तमाम कर चुके होते।