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इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, बुद्धि और इश्क़ का साक्षात रूप
वर्ष 61 हिजरी क़मरी में अत्याचार और बनी उमैया के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम का आंदोलन, बलिदान व महाकाव्य का मूरत है, इसी वजह से यह आंदोलन इंसानों की भावनाओं को बहुत प्रभावित करता है और उनके मन में इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और उनके निष्ठावान साथियों के प्रति जोश पैदा करता है।