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म्यांमार के अत्याचार ग्रस्त मुसलमानों के समर्थन में दुनियाभर से उठने वाली मुस्लमानों की आवाज़।
और आख़िर तुम्हें क्या हो गया है कि तुम अल्लाह के मार्ग में और उन कमज़ोर पुरुषों, महिलाओं और बच्चों के लिए जेहाद नहीं करते हो जिन्हें कमज़ोर बनाकर रखा गया है और जो बराबर दुआ करते हैं कि ख़ुदा हमें इस शहर से मुक्ति दे दे जिसके निवासी अत्याचारी हैं और हमारे लिए कोई अभिभावक और अपनी ओर से सहायक क़रार दे दे।