18 फ़रवरी सन 1834 ईसवी को फ़्रांस के साम्राज्यवादी सैनिकों ने जिन्होंने 1830 से अलजीरिया का अतिग्रहण आरंभ किया था, अमीर अबदुल क़ादिर अलजज़ायरी के हाथों भारी मात खाई इस युद्ध में फ़्रांस के एक तिहाई सैनिक मारे गये और जीवित बचने वालों में आधे बंदी बना लिए गये। फ़्रांसीसियों ने जब यह स्थिति देखी तो तुरंत संधि का प्रस्ताव पेश कर दिया ताकि अपनी शक्ति को दोबारा प्राप्त और सेना को पुन: संगठित कर सकें। अब्दुल क़ादिर अलजज़ायरी ने दो वर्ष बाद तक इस प्रस्ताव को नहीं माना।