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ईश्वरीय वाणी-६३
Apr ११, २०१६ ०७:०९सूरे जासिया पवित्र क़ुरआन का ४५वां सूरा है और यह मक्का में उतरा है और इसमें ३७ आयतें हैं।
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ईश्वरीय वाणी-६२
Apr ११, २०१६ ०७:०७सूरए दोख़ान, पवित्र क़ुरआन का 44वां सूरा है। इसमें 59 आयते हैं।
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ईश्वरीय वाणी-६१
Apr ११, २०१६ ०७:०५पवित्र क़ुरआन का महत्व, पैग़म्बरे इस्लाम, पैग़म्बरों के विरोधियों के कार्य, एकेश्वरवाद के कुछ प्रमाण, अनेकेश्वरवाद से संघर्ष,महान ईश्वर के प्रति अशोभनीय बातों का इंकार, पैग़म्बरों और पहले की जातियों के जीवन के कुछ भाग, प्रलय, महान ईश्वर पर ईमान रखने वालों को मिलने वाला प्रतिदान,काफिरों का अंत और ग़लत चीज़ों के महत्व का इंकार आदि के बारे में इस सूरे में चर्चा की गयी है।
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ईश्वरीय वाणी-६०
Apr ११, २०१६ ०७:०३सूरे फ़ुस्सेलत पवित्र क़ुरआन का ४१वां सूरा है और जो यह मक्के में उतरा है।
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ईश्वरीय वाणी-५९
Apr ११, २०१६ ०६:५९सूरे ग़ाफ़िर पवित्र क़ुरआन का ४०वां सूरा है और यह मक्का में नाज़िल हुआ था।
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ईश्वरीय वाणी-५८
Apr ११, २०१६ ०६:५६क़ुरआने मजीद सूरए ज़ोमर की आयत क्रमांक 64 से 66 में अनेकेश्वरवाद और एकेश्वरवाद के बारे में पैग़म्बरे इस्लाम को संबोधित करते हुए कहता है।
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ईश्वरीय वाणल-५७
Apr ११, २०१६ ०६:५३सूरए ज़ोमर मक्के में उतरा है और इसमें 75 आयतें हैं।
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ईश्वरीय वाणी-५६
Apr ११, २०१६ ०६:५१साफ़्फ़ात नामक सूरे में जिन ईश्वरीय दूतों की जीवनी का उल्लेख है, उनमें से हर एक ईश्वर पर आस्था और उसकी बंदगी के नतीजे में ईश्वर की कृपा का पात्र बना।
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ईश्वरीय वाणी-५५
Apr ११, २०१६ ०६:४९सूरे साफ़्फ़ात पवित्र क़रआन का ३७वां सूरा है और उसमें १८२ आयतें हैं।
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ईश्वरीय वाणी-५४
Apr ११, २०१६ ०६:४६एकेश्वरवाद और प्रलय उन विषयों में से है जिसका वर्णन पवित्र क़ुरआन के सूरे यासिन में आया है।