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जंगबंदी के एलान के बाद ग़ज़्ज़ा में फ़तह का जश्न, इस्राईल में भारी सन्नाटा...हमास की उपलब्धियां गिनने लगे इस्राईली, नेतनयाहू भीषण अंदरूनी हमलों के निशाने पर
May २१, २०२१ १३:३४इस्राईल और फ़िलिस्तीनियों के बीच युद्ध विराम लागू हो चुका है जिसके बाद ग़ज़्ज़ा में तो विजय का जश्न मनाया जा रहा है लेकिन इस्राईल में बोझिल सन्नाटा छाया हुआ है।
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क्या एमाद मुग़निया अभी ज़िंदा हैं, जानिए हमास के उस कमान्डर के बारे में जिसने इस्राईल की ईंट से ईंट बजा दी.... विस्तृत रिपोर्ट
May २१, २०२१ ०८:०२फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन हमास की सैन्य शाखा के कमान्डर की हत्या के लिए तेल अवीव की निरंतर विफल कोशिशों के बावजूद ज़ायोनी शासन अभी तक इस कमान्डर की की एक नयी तस्वीर तक हासिल करने में कामयाब नहीं हो सका है और अपनी सारी कोशिशों के में विफलता के बाद "सात जान वाली बिल्ली" की उपाधि दी है।
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दक्षिणी लेबनान से इस्राईली इलाक़ों पर चार मिसाइलों से हमला क्या इस्राईल को घेरने की तैयारी है? ईरान ने एलान क्यों कर दिया कि वह फ़िलिस्तीनियों की मदद कर रहा है?
May २०, २०२१ १४:५०दक्षिणी लेबनान में बड़ी गहमागहमी है। वहां स्थित फ़िलिस्तीनी संगठन ग़ज़्ज़ा और वेस्ट बैंक में अपने भाइयों के समर्थन में मिसाइल फ़ायर कर रहे हैं। बुधवार को हैफ़ा और अका पर दक्षिणी लेबनान से चार मिसाइल फ़ायर किए जाने का यही एक तर्क हमारी समझ में आता है।
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क्या डूबती नांव में सवार हो गए हैं इमारात और बहरैन
May १९, २०२१ १७:११पिछले कुछ हफ़्ते से इस्राईल-फ़िलिस्तीन विवाद गहरा गया और इस्राईली सेना ने ग़ज़्ज़ा के ख़िलाफ़ एक और घातक जंग छेड़ दी। यह हमला और अवैध अधिकृत पूर्वी अल-क़ुद्स के शैख़ जर्राह इलाक़े से फ़िलिस्तीनियों को निकालने के ख़तरे तथा रमज़ान के दौरान मस्जिदुल अक़सा पर इस्राईली फ़ोर्स के हमले, जिसके नतीजे में फ़िलिस्तीनियों का प्रदर्शन फूट पड़ा, ये सब 73 साल से फ़िलिस्तीनी दुर्भाग्य का एक और अध्याय है।
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इस्राईली जनरलः परसेप्शन की लड़ाई तो हार चुका है इस्राईल, हालात ने साबित कर दिया कि इस्राईल के पास कोई स्ट्रैटेजी नहीं,
May १९, २०२१ १३:१८इस्राईली सेना के जनरल का कहना है कि ग़ज़्ज़ा पर हमला तब शुरू हुआ जब हमास ने अपनी ताक़त का लोहा मनवा लिया और राजनैतिक स्तर पर देखा जाए तो इस्राईल के पास रणनीति का भारी अभाव है।
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कोरोना से मौतों का आंकड़ा जैसे जैसे बढ़ रहा है, पीएम मोदी की लोकप्रियता तेज़ी से गिरती जा रही है!
May १९, २०२१ १२:२५भारत में कोरोना वायरस की महामारी ने वह हालात पैदा कर दिए हैं जिसका अनुमान या आशंका दुनिया के वैज्ञानिकों को पहले से ही थी, अब यह अलग बात है कि भारत की सरकार इस आशंका को नकारने और बेबुनियाद बताने पर तुली हुई थी।
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हमास के रॉकेट नहीं, बल्कि ऐसी वह कौन सी चीज़ है जो इस्राईल के लिए सबसे बड़ा ख़तरा बनती जा रही है? आयरन डोम भी जिसे नहीं रोक सकेगा
May १९, २०२१ ०८:५८ग़ज्ज़ा पट्टी और इस्राईल के बीच जारी लड़ाई के दौरान, दुनिया भर में सबसे ज़्यादा अगर कोई चीज़ चर्चा में है तो वह है, हमास के रॉकेट, जो ग़ज्ज़ा पट्टी के छोटे से इलाक़े से पूरे इस्राईल को निशाना बना रहे हैं।
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नेतनयाहू के लिए चौतरफ़ा हार वाली जंग!
May १८, २०२१ १५:४२ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री ताक़त की वजह से युद्ध विराम स्वीकार नहीं कर रहे हैं बल्कि इसके ठीक विपरीत संघर्ष विराम उनके लिए पराजय स्वीकार करने के बराबर है लेकिन समस्या यह है कि राह के अंत में उसके अलावा कोई विकल्प ही नहीं है और जंग जारी रहने और उसके अधिक व्यापक होने का नतीजा, नेतनयाहू के लिए अधिक नुक़सानदायक होगा।
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भारत के कट्टरपंथी, ग़ज़्ज़ा पर वहशियाना इस्राईली बमबारी का समर्थन क्यों करते हैं? अलजज़ीरा का जायज़ा
May १८, २०२१ १३:५९अवैध क़ब्ज़े वाले पूर्वी बैतुल मुक़द्दस में इस्राईल ने जो दमनकारी कार्यवाहियां कीं और इसके बाद ग़ज़्ज़ा पट्टी पर जो बमबारी की उसकी भर्त्सना पूरी दुनिया में की गई, मगर इस दमनकारी कार्यवाही को भारत में सरकार समर्थक धड़े की ओर से भरपूर समर्थन मिला। लोगों ने फ़िलिस्तीनियों के ख़िलाफ़ इस्राईल की नीतियों को आत्म रक्षा का नाम दिया और इसका समर्थन किया।
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फ़िलिस्तीनी रॉकेटों और इस्राईली आयरन डोम के टकराव में कौन किस पर भारी? विशेषज्ञों की राय क्या है?
May १८, २०२१ ०८:३०इस्राईल और ग़ज्ज़ा के बीच जारी लड़ाई में सबसे ज़्यादा ध्यान अगर किसी चीज़ ने अपनी ओर खींचा है तो वह है फ़िलिस्तीनी प्रतिरोधी गुटों द्वारा रॉकेटों की बारिश और उनका मुक़ाबला करने वाला इस्राईल का एंटी मिसाइल सिस्टम आयरन डोम।