• ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-20

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-20

    May ०१, २०१६ ०९:०३

    ज़री निर्माण ईरान की पारम्परिक कलाओं में शामिल है और इसका बड़ा महत्व रहा है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-19

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-19

    May ०१, २०१६ ०८:३६

    प्राचीन काल से ही पूरी दुनिया में ईरानियों के साहस, उनकी दक्षता और वीरता का डंका बजता रहा है और इसका मुख्य कारण यह था कि सदैव उनके पास युद्ध के उचित उपकरण और सैन्य संसाथन रहे हैं।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-18

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-18

    May ०१, २०१६ ०७:४९

    मीनाकारी को मानव जाति के रचनात्मक आविष्कारों में कहा जा सकता है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-26

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-26

    May ०१, २०१६ १०:३०

    शीशे की कला उन कलाओं में है जिसका ईरान में इतिहास बहुत पुराना है।

  • ईरान की सांस्कृति धरोहर-22

    ईरान की सांस्कृति धरोहर-22

    May ०१, २०१६ ०९:४५

    ईरान में धातुओं के विशाल भंडार हैं और देश के विभिन्न इलाक़ों में मूल्यवान खवानें पायी जाती हैं, यही कारण है कि ईरान में धातु उद्योग और उससे संबंधित विज्ञान ने काफ़ी विकास किया है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-16

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-16

    May ०१, २०१६ ०६:३७

    हमने बताया था कि पुरातन अवशेषों की समीक्षा और विभिन्न प्रकार की धातुओं वाली वस्तुएं मिलने के आधार पर इतिहास के काल को धातु की वस्तुएं बनाने में विकास का काल कहा जा सकता है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-15

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-15

    Apr ३०, २०१६ १२:०५

    पुरातत्वविदों के अध्ययन और विविध प्रकार की धातुओं की खोज के आधार पर ऐतिहासिक काल को धातुकार्य के विकास के रूप में जाना जाता है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-14

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-14

    Apr ३०, २०१६ १२:००

    पच्चीकारी ईरान की प्राचीन कलाओं में से हैं और यह ईरान और अन्य देशों में काफ़ी लोकप्रिय है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-13

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-13

    Apr ३०, २०१६ ११:५४

    वादय यंत्रों के निर्माण का संबन्ध, धरती पर मनुष्य के जीवन के आरंभ से जुड़ा हुआ है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-12

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-12

    Apr ३०, २०१६ ११:३८

    लकड़ी छीलने या रंदने का काम, ईरान के पारंपरिक हस्त उद्योग में से है जो ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रचलित है।