• 3 ख़ुर्दाद

    3 ख़ुर्दाद

    May २३, २०१६ ०९:१४

    24 मई 1982 को ईरानी जनता के हर्षोल्लास की थाह नहीं थी लोग एक दूसरे को बड़े गर्व के साथ उस शौर्य गया की सूचना दे रहे थे जिसे उनके वीर सपूतों ने सद्दाम की सेना के मुक़ाबले में रणक्षेत्र में रचा था।

  • निज़ामी गन्जवी-4

    निज़ामी गन्जवी-4

    May १८, २०१६ ११:३३

    निज़ामी को सबसे अच्छा और वास्तव में फ़ारसी साहित्य की समृद्ध कहानियों को बयान करना वाला शायर व लेखक कहा जा सकता है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-37

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-37

    May १८, २०१६ ११:५९

    कालीन ऐसी वस्तु है जिसका चलन शताब्दियों से होता आ रहा है।

  • ज़िन्दगी की बहार-39

    ज़िन्दगी की बहार-39

    May १७, २०१६ ०८:४०

    जवानी को यौवन भी कहा जाता है।

  • राष्ट्रीय संग्रहालय-2

    राष्ट्रीय संग्रहालय-2

    May १७, २०१६ ११:२३

    शायद आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में हमने ईरान के राष्ट्रीय संग्रहालय के बारे में विस्तार से बताया था।

  • निज़ामी गन्जवी-3

    निज़ामी गन्जवी-3

    May १७, २०१६ ११:५१

    हमने बताया कि निज़ामी गंजवी का जन्म वर्ष 1135 से 1145 ईसवी के बीच ईरान के गंजे नामक शहर में हुआ और 70 साल बाद इसी शहर में उन्होंने इस संसार से विदा ली।

  • प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था से ईरान को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा

    प्रतिरोधक अर्थ व्यवस्था से ईरान को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा

    May १५, २०१६ ०९:३२

    ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनई ने कहा है कि राष्ट्रीय हित में और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए की जाने वाली हर लाभदायक व आवश्यक कार्यवाही का वे समर्थन करेगें।

  • ईरान की सांस्कृति धरोहर-17

    ईरान की सांस्कृति धरोहर-17

    May ०१, २०१६ ०७:२५

    धातु के काम की शाखाएं बहुत हैं जिनमें चाक़ू, पारंपरिक आभूषण, महापुरुषों के रौज़ों पर रखी जाने वाली ज़रीह और ताले के निर्माण, टैपेस्ट्री अर्थात चित्रयवनिका, मीनाकारी, गिलट बनाने और उकेरने का काम शामिल है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-27

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-27

    May ०१, २०१६ १०:३९

    दुनिया में शीशागरी की कला या शीशे का काम में बहुत विविधता मौजूद है।

  • ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-24

    ईरान की सांस्कृतिक धरोहर-24

    May ०१, २०१६ १०:०८

    ज़्यादातर रत्न ख़वान से निकलते हैं और वे चमक्दार होते हैं।