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इस्लामी जगत-12
Feb १५, २०१७ ०८:३१हमने इमाम ख़ुमैनी रहमतुल्लाह अलैह के विचार में इस्लामी एकता की अहमियत के बारे में आपको बताया।
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इस्लामी जगत-11
Feb १५, २०१७ ०८:०२हमने शिया धर्मगुरूओं तथा विद्वानों की दृष्टि से मुसलमानों के बीच एकता स्थापित करने के दृष्टिकोणों की समीक्षा की थी।
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इस्लामी जगत-10
Feb १४, २०१७ १४:०५आपको अवश्य याद होगा कि पिछले कई कार्यक्रमों में हमने मुसलमानों के बीच फूट व मतभेद और उनके कमज़ोर होने के कारणों और इसी प्रकार सुन्नी धर्मगुरूओं की दृष्टि से उनके मुकाबले के मार्गों का उल्लेख किया था।
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इस्लामी जगत-9
Feb १४, २०१७ १३:५३आपको अवश्य याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में हमने मोहम्मद अब्दो और रज़ा रशीद के दृष्टिकोणों के अनुसार मुसलमानों के मध्य फूट पड़ने और कमज़ोर होने के कारणों और उनसे मुकाबले के मार्गों की चर्चा की थी और हमने इस बात की ओर संकेत किया कि सैयद जमालुद्दीन असदाबादी की भांति मोहम्मद अब्दो इस्लामी जगत में फूट का एक महत्वपूर्ण कारण शीया-सुन्नी धार्मिक मतभेद को मानते थे और प्रसिद्ध पुस्तक नहजुल बलाग़ा की एक व्याख्या लिखकर उन्होंने शीया-सुन्नी धार्मिक मतभेदों के समाधान की दिशा में इस्लामी जगत में एकता का दृष्टि
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इस्लामी जगत-8
Feb ०७, २०१७ १३:५७आपको याद होगा कि पिछले कार्यक्रम में हमने इस बात का उल्लेख किया कि अल्लामा इक़बाल का मानना था कि इस्लामी जगत में पिछड़ेपन व पतन का कारण इस्लामी मूल्यों से दूरी है इसलिए वह इस्लामी जगत का अपनी संस्कृति व सभ्यता की ओर लौटने का आह्वान करते थे।
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इस्लामी जगत-7
Jan २९, २०१७ १४:१०मोहम्मद इक़बाल 9 नवम्बर 1877 को अविभाजित भारत के सियालकोट में पैदा हुए थे।
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इस्लामी जगत-6
Jan १८, २०१७ १४:०८जैसाकि आप जानते हैं कि सैयद जमालुदीन, अपने काल के बहुत बड़े समाजसुधारक थे।
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इस्लामी जगत-5
Jan १८, २०१७ १३:५४सैयद जमालुद्दीन असदाबादी हालिया शताब्दी के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक सुधारकों व इस्लामी जगत में एकता के पक्षधरों में से थे।
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इस्लामी जगत-4
Jan १८, २०१७ ११:२३हमने बताया था कि इस्लामी जगत में एक समय तक फूट और आठवीं शताब्दी हिजरी के आरंभिक बरसों में ख़िलाफ़त के विघटन के बाद उसमानी शासन के सशक्त सिपाहियों ने सत्ता अपने हाथ में ले ली और फिर धीरे-धीरे वे बैतुल मुक़द्दस पर स्वामित्व का दावा करने वाले सलीबी ईसाइयों के विरुद्ध मुसलमानों की सबसे बड़ी ताक़त में बदल गए।
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इस्लामी जगत-3
Jan १८, २०१७ १०:४४जैसा कि हमने कहा कि इस्लाम ने एकेश्वरवाद और एकता व भाईचारे के नारे के ज़रिए अरबों के बीच अज्ञानता के काल में व्याप्त जातीय व क़बायली मतभेद व दुश्मनी को ख़त्म किया।